आतंक की आड़ में जम्मू कश्मीर की लड़कियों का इस्तेमाल करने वाला आतंकी खालिद महमूद ढेर।जम्मू कश्मीर में अय्याश आतंकी पार्ट 1

12 Oct 2017 11:29:10

 


 
जम्मू कश्मीर के बारामूला में हुए मुठभेड़ में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। जैश-ए-मोहम्मद के ऑपरेशन हेड आतंकी खालिद महमूद को जवानों ने गोलियों से छलनी कर दिया। मात्र 4 मिनट चले इस मुठभेड़ में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम ने खालिद महमूद को ख़त्म कर दिया। खालिद ही बीएसएफ कैंप हमले कामास्टरमाइंड था।
 
किसी खास व्यक्ति से मिलने आया था खालिद :-
 
सुरक्षाबलों से मिली जानकारी के मुताबिक खालिद महमूद मुताबिक किसी खास व्यक्ति से मिलने एक जगह पर पहुँचा था। वहाँ उसे सुरक्षाबलों द्वारा चारों तरफ से घिर जाने का अंदेशा हुआ जिसके बाद उसने मुठभेड़ के दौरान उसने एक घर को अपना डेरा बनाया और वहाँ से अंधाधुंध गोलियां चलाना शुरू कर दिया।लेकिन सेना के जवानों ने फौरन उसे घेर लिया और गोलियों से भून डाला।
 
पाकिस्तान का आतंकी था खालिद महमूद :
 
पाकिस्तान पूरी दुनिया में आतंक का सप्लायर है, यह बात अब पूरी दुनिया जान चुकी है और तो और संयुक्त राष्ट्र में भी भारत के तरफ से आधिकारिक रूप से यह बयान दिया गया है। सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया आतंकी खालिद महमूद भी पाकिस्तानी ही था। पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा था साथ ही अन्य आतंकी संगठनों में नियुक्तियों में मदद करता था। पिछले 2-3 वर्षों से वह इस क्षेत्र में लगातार सक्रिय था। खालिद महमूद विशेष तौर पर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाता था। लगातार कश्मीर में क्षेत्र में अस्थिरता, हिंसा, आतंक और डर का माहौल बनाये रखने के लिए आतंकी गतिविधियाँ उसकी ओर से होते रहती थी।
 
बाकी आतंकियों की तरह खालिद के मौत का कारण भी है अय्याशी :
 
खालिद महमूद अपनी आतंकी छवि की आड़ में अय्याशी करता था। खालिद की मौत के पीछे उसकी प्रेमिका का हाथ होने की बात कही जा रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष एक 20 वर्ष की कश्मीरी लड़की ने एक पुलिस अधिकारी को जाकर कहा कि "मैं  चाहती हूँ खालिद को मार दिया जाए, उसे पकड़वाने में मैं मदद करुँगी, बाकि काम आप कर देना।" खालिद की प्रेमिका ने जब अपने प्रेग्नेंट होने की बात ख़ुशी ख़ुशी खालिद को बताई तो खालिद ने कहा कि 'उसे ना लड़की से मतलब है ना ही उसके पेट में पल रहे बच्चे से।' खालिद के अन्य कई लड़कियों के साथ भी संबंध थे जिसकी खबर उसकी प्रेमिका को थी। इसके बाद से ही यह लव स्टोरी 'हेट स्टोरी' में तब्दील हुई और पाकिस्तानी आतंकियों की अय्याशी का एक और चेहरा बाहर आया। खालिद की प्रेमिका ने जालंधर जाकर अपना ऑबर्शन कराया और यह तय किया कि वह खालिद से जरूत बदला लेगी।
 
 
पहले कई बार सुरक्षाकर्मियों से बच चुका था खालिद
 
इस बार सुरक्षाकर्मियों को खालिद की पूर्व प्रेमिका ने ही उसके ठिकाने की जानकारी दी थी। लेकिन इससे पहले भी उसने कई बार खुद और अपने सूत्रों से सुरक्षाकर्मियों तक खालिद के बारे में जानकारी पहुँचाई थी। लेकिन हर बार खालिद जवानों के हाथो से बचकर निकल जाता था। इस बार सुरक्षाकर्मियों ने खालिद को ऐसा घेरा कि उसे भागने का पर्याप्त समय ही नहीं मिल पाया।
 
पाकिस्तानी आतंकी सिर्फ कश्मीरी लड़कियों का इस्तेमाल कर रहें हैं :
 
खालिद महमूद कश्मीर का पहला आतंकी नहीं है जिसकी अय्याशी की वजह से जान गई है। इससे पहले भी आतंकियों की पूर्व प्रेमिकाओं ने बेवफाई के बदले उनकी पोल खोली है। कई बार आतंकियों की छोड़ी हुई पत्नियां और प्रेमिकाएं बदला लेने के लिए सुरक्षा बलों की मदद करते हैं। पाकिस्तानी आतंकी जम्मू कश्मीर में अपने निजी हितों को साधने और अपने अय्याशी के लिए आतंक का रास्ता चुनते हैं। अपने हितों के लिए ये आतंकी कभी बन्दूक की नोक पर तो कभी अपने जाल में फँसाकर लड़कियों का इस्तेमाल करते हैं। इन आतंकियों का खौफ़ कश्मीर के कई इलाकों के लड़कियों में बना रहता है। कश्मीर की लड़कियों का इस्तेमाल शारीरिक, भावनात्मक और कभी कभी अपने कार्य को अंजाम देने के लिए भी आतंकी करते हैं। ये आतंकवादी जो लगातार कश्मीरी लड़कियों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं उन्हें कुछ लोगो द्वारा हीरो समझा जाता है। अलगाववादी नेता उनके मौत पर सान्त्वना प्रकट करते दिखते हैं। जिस पाकिस्तान की पैरवी वो अलगाववादी तत्व करते हैं क्या उन्हें पाकिस्तान से आये हुए आतंकी द्वारा कश्मीरी लड़कियों का शारीरिक और मानसिक शोषण नहीं दिखता ?
 
 
आतंक के खिलाफ खड़े होती जम्मू कश्मीर की वीरांगनाएं :
 
जैसा कि हमने बताया कि पाकिस्तान के आतंकी और जम्मू कश्मीर के आतंकी आतंक का रास्ता सिर्फ और सिर्फ अपने हितों को पूरा करने और अपने अययाशी के लिए करते हैं, तो यह बात अब जम्मू कश्मीर की लड़कियां अच्छे से समझ रही है। जम्मू कश्मीर की लड़कियों ने अब इन आतंकियों के विरूद्ध मोर्चा खोल दिया है। जमीनी स्तर से लेकर सोशल मीडिया में एक्टिव होकर अब जम्मू कश्मीर की लड़कियां अपने आसपास के लोगो के साथ साथ अन्य लोगो को भी जागरूक कर रही है। भले ही बदले की भावना के साथ लेकिन आतंकियों की पूर्व प्रेमिकाएँ और पत्नियां जो कि मूल रूप से जम्मू कश्मीर की ही है, वो लगातार सुरक्षबलों को सूचनाएं दे रहीं हैं। जम्मू कश्मीर की लड़कियों ने अब आतंक के सामने समर्पण करने के बजाय लड़ने का फैसला किया है जो उनके अदम्य साहस को दिखाता है। अभी हाल ही में जितने भी बड़े आतंकी मारे गए हैं उनमें अधिकांश लड़कियों से मिले सूत्रों की वजह से ही मारे गए हैं।
 
वास्तव में खालिद महमूद जैसे आतंकी आतंक के नाम पर सिर्फ और सिर्फ महिलाओं और लड़कियों का जीवन बर्बाद कर रहें हैं। आतंक के रास्ते में चलने पर इन्हें पैसे, हथियार और कुछ संपर्क मिल जाते हैं, जिसका फायदा ये आतंकी जम्मू कश्मीर की लड़कियों के शोषण के लिए करते हैं। और यह आज की नहीं, हमेशा से यही सच्चाई है।
 
 

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