अय्याश आतंकी पार्ट 3 - जम्मू कश्मीर में आतंकी आशिकी नहीं अय्याशी कर रहें हैं

14 Oct 2017 10:34:06

 


 
 
जम्मू कश्मीर में हाल ही में सेना जबरदस्त तरीके से काम कर रही है। सेना द्वारा पिछले कुछ समय से लागातार जारी सर्च ऑपेरशन ने कश्मीर के हालात सुधारने में मदद की है। पाकिस्तान परस्त लोग और पाकिस्तानी आतंकी लगातार जम्मू कश्मीर में अस्थिरता का माहौल बनाये रखने के लिए आतंक को बढ़ावा दे रहे हैं और तो और आम जनता को परेशान कर रहे हैं।
 

बुरहान वानी भी अय्याशी के कारण मारा गया था :

 
पिछले साल सुरक्षा बलों द्वारा मारा गया आतंकी बुरहान वानी भी अपनी अय्याशियों की वजह से कुख्यात था। बुरहान वानी अपने अय्याशी को पूरा करने के लिए  कई लड़कियों के संपर्क में रहता था। जम्मू कश्मीर की अनेक लड़कियों/महिलाओं के साथ उसके संबंध थे। यह निश्चित ही है कि बुरहान अपने फायदे के लिए सिर्फ उनका इस्तेमाल करता था और  शोषण करता था। अनेक लड़कियों के संबंध होने के कारण बुरहान की प्रेमिकाएं, जिन्हें उसने अपने जाल में फँसा रखा था, उसके षड़यंत्र को समझ चुकी थी। इसी बीच बुरहान की ही एक प्रेमिका ने उसके अन्य अवैध संबंधों के चलते तंग आकर उसकी सूचनाएं सुरक्षाबलों को दी। जिसके बाद ही अंनतनाग क्षेत्र बुरहान का एनकाउंटर हुआ।
 

बार बार नंबर बदलने की वजह से मुसीबत बना हुआ था :

 
कश्मीर का कलंक बुरहान वानी लगातार नंबर बदलता रहता था ताकि उसे आसानी से ट्रैक ना किया जा सके। कश्मीर पुलिस की साइबर सेल लगातर उसके नंबर को ट्रैक करने में लगी हुई थी। सोशल मीडिया में एक्टिव रहने की आदत और नए तस्वीरें लगातार डालने की वजह से भी वह पकड़ में आता चला गया।
 

लगातार मामले हो रहे उजागर :

 
सेना पिछले कुछ समय से फ्रंटफुट पर नज़र आ रही है। लेकिन पिछले कुछ समय से हुए वारदातों और मिले सूत्रों में एक आश्चर्यजनक किन्तु दुःखद बात निकल कर आई है कि जम्मू कश्मीर में जो आतंकी सक्रिय है वो वास्तव में वहाँ की महिलाओं और लड़कियों का शोषण कर रहें हैं। आतंकी प्रेम जाल में फँसाकार लड़कियों से अपना हित साधते हैं या बंदूक के नोक पर बलात्कार करते हैं। कुल मिलाकर इससे नुकसान कश्मीर की लड़कियों का ही हो रहा है। हाल ही के समय में लगातार मारे जा रहे आतंकियों के बारे में उनके आतंक से ज्यादा अय्याशी की ख़बरें आई है। बंदूक या बम धमाको से किसी स्थान पर बर्बादी लाना और किसी महिला की ज़िन्दगी बर्बाद करने में कोई ज्यादा फर्क नहीं है। कुछ समय पहले मारा गया हिजबुल कमांडर बुरहान वानी भी इन्ही अय्याश आतंकियों में से एक था। जम्मू कश्मीर में आतंकियों के लिए पोस्टर बॉय के रूप में जाने जाना वाला आतंकी असल में और कुछ नहीं सिर्फ अय्याश था।

अपनी जरूरतों को पूरी करने लड़कियों का इस्तेमाल कर रहे आतंकी :

 
जम्मू कश्मीर में खालिद महमूद, अबु दुजाना, बुरहान वानी जैसे अन्य आतंकी भी सिर्फ अय्याशी के लिए आतंक की राह चुनते हैं। वो कश्मीर की आज़ादी की बात तो करते हैं लेकिन वहीं कश्मीर की लड़कियों को अपने सेक्स ग़ुलाम की तरह इस्तेमाल करते हैं। बुरहान वानी भी अपने निजी हितों को साधने के लिए आतंक के रास्ते में आया था। उसे ना कश्मीर से मतलब था, ना आतंक से और ना ही कश्मीरियों से, उसे सिर्फ अपनी आर्थिक और शारीरिक जरूरतें पूरी करनी थी जो उसने आतंक की राह चुनकर किया। लेकिन हर आतंक की राह चुनने वाले का वही अंजाम होता है जो बुरहान वानी, खालिद महमूद और अबु दुजाना जैसे सैकड़ों आतंकियों का हुआ।
 

क्या कश्मीरी लड़कियों की ज़िन्दगी ख़राब करने वाले आतंकियों का समर्थन करते हैं अलगाववादी ? 

 
बुरहान वानी के मौत के बाद जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेताओं ने जम्मू कश्मीर के माहौल को लगातार ख़राब करने की कोशिश की। कई जगह हिंसक प्रदर्शन करवाये। उसकी मौत की बरसी पर भी आक्रामक प्रदर्शन किये गए। जम्मू कश्मीर की बहन-बेटियों का बलात्कार करने और उनका शोषण करने वाले आतंकी को क्रांतिकारी के रूप में दिखाया। कुछ स्वघोषित बुद्धिजीवियों और तथाकथित उदारवादियों द्वारा ऐसे बलात्कारी आतंकियों के लिए सांत्वना दी जाती है, इन्हें शिक्षक का बेटा कहकर बताया गया। हम इन सभी से सवाल पूछते हैं क्या जम्मू कश्मीर की बेटियों की इज्जत की इन्हें परवाह नहीं है ? क्या ये लोग इन आतंकियों से मिले हुए हैं ? क्या जम्मू कश्मीर में महिलाओं की इज्जत से खेलने वाले को हीरो बनाया जायेगा ?

लड़कियां अब इनकी चाल समझ रही है :

 
इन सब मामलों से एक बात स्पष्ट होती नजर आ रही है कि जम्मू कश्मीर की लड़कियों ने अब अपने स्वाभिमान और सम्मान के लिए लड़ना शुरू कर दिया है। जिस तरह बुरहान वानी, अबु दुजाना, खालिद महमूद की मौत के कारण उनसे जुड़ी लड़कियां ही थी तो यह बात समझ सकते हैं कि जम्मू कश्मीर की लड़कियां अब आतंक का साथ नहीं बल्कि विकास का साथ चाहती है। वो खुद चाहते हैं कि इन आतंकियों से उन्हें छुटकारा मिले। उन्हें अब यह अच्छे से दिख रहा है कि कौन से लोग हैं जो लड़कियों के बलात्कार और शोषण करने वाले को हीरो बनाने में तुले हुए हैं।
 
मीडिया और अन्य जगहों पर जिस तरह इन आतंकियों के आशिकी के बारे बताया जाता है और इसे किसी कहानी की तरह समझाया जाता है, तो एक बात समझने की आवश्यकता है कि आतंकी आशिकी नहीं अय्याशी करते हैं। अय्याशी, वो भी सिर्फ अपने हितों को पूरा करने के लिए।
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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