तीन पाकिस्तानी आतंकी फिर ढेर

12 Dec 2017 13:53:21

 


आशुतोष मिश्रा

कल सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना के आधार पर हंदवाड़ा के उनीसू में तलाशी अभियान शुरू किया। कड़ाके की ठंड के बावजूद सुरक्षा बलों ने इलाके में बाहर की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया। सुरक्षा बल के जवान उंसू में एक स्थान की ओर बढ़ रहे थे, तभी आतंकवादियों ने उन पर ऑटोमैटिक हथियारों से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। जिसके बाद सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों को एक मुठभेड़ में मार गिराया। मारे गये तीनों आतंकवादी पाकिस्तानी नागरिक है। इस पूरे अभियान के दौरान रातभर बारिश होती रही, लेकिन सुरक्षा बलों के जवान भीषण ठंड में भी मोर्चे पर डटे रहे। कल 10 दिसम्बर की रात को शुरू हुआ ये मुठभेड़ अब खत्म हो गया है। इस पूरे अभियान के  दौरान एक नागरिक की मौत हो गई। मुठभेड़ के बाद घाटी के सोपोर, बारामूला, हंदवाड़ा और कुपवाड़ा जिलो में इंटरनेट सर्विस कुछ देर के बंद कर दी गई है।

अभी 6 दिन पहले ही सुरक्षा बलों ने 5 दिसंबर को साउथ कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकियों को मार गिराया था। जिनमे से मारे गए दो आतंकवादी पाकिस्तानी नागरिक थे। मारे गए ये तीनों आतंकी पर इस साल 10 जुलाई को अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले के आरोपी थे।

ठंडी शुरू होते ही आतंकी अपने सुरक्षित अपने ठिकानों में लौट जाते थे, लेकिन इस वर्ष सुरक्षा बलों ने  ठण्ड के मौसम में भी ऑपरेशन ऑल आउट चला कर इन आतंकियों को छोड़ने के मूड में नहीं दिख रही हैं। साल 2017 में इस साल सिक्युरिटी फोर्सेस की कार्रवाई में जो 200 आतंकी मारे गए, उनमेंं से 40 आतंकी डिस्ट्रिक्ट कमांडर या इससे ऊपर के लेवल के थे। इनमें से कई आतंकी चार-पांच साल से एक्टिव थे, जबकि आमतौर पर आतंकियोंं की उम्र हथियार उठाने के दो 2-3 साल बाद खत्म हो जाती है। कश्मीर पुलिस युवाओं के प्रति काफी नर्मी भी बरत रही है।

जम्मू कश्मीर राज्य पुलिस के आइजी श्रीनगर जुल्फिकार ने कहा कि इस बार इस तरह के अभियान किसी भी तरह से धीमा नहीं होगा बल्कि इसे और तेज किया जायेगा। सीआरपीएफ की कई बटालियन गुजरात चुनाव खत्म होने के बाद कश्मीर में आ जाएगी। सीआरपीएफ के करीब 5,000 जवान दिसंबर में कश्मीर पहुंच जाएंगे। आइजी खान कहते हैं कि जो लड़के आतंक की राह पर गए हैं, तो उन्हें घर वापसी का पूरा मौका दिया जा रहा है।

इस्लाम के नाम पर आतंकवाद को बढ़ाने पर हाफिज सईद का जोर :-

पकिस्तान की कोर्ट से बरी होने के बाद से ही आतंकी हाफिज सईद कश्मीर को लेकर अपने जहरीले सपने को साकार करने के लिए अपने प्रयास शुरू कर दिए है। इस बार आतंकी ने कश्मीर के नाम पर मुस्लिम देशों का साथ न मिलने पर गुस्सा दिखाया है।

जमात-उल-दावा प्रमुख और मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद येरूशलम पर बयान देते वक्त बोला ‘कि  सभी मुस्लिम देशों से अमेरिकी उच्चायोग बंद करने की अपील करी है। इसके साथ ही जिस किसी देश उच्चायोग येरूशलम में खुलता हैं, उस देश के उच्चायोग को मुसलिम देशों में बंद कर दी जानी चाहिए।

जब से अमेरिका ने येरुशलम को इस्राइली राजधानी के नाम पर अपनी मुहर लगायी है तब से ही दुनिया भर के मुस्लिम देश अमेरिका के खिलाफ खड़े हो गए है। पकिस्तान में एक विरोध सभा में आतंकी हाफिज सईद ने अमेरिका के खिलाफ ने जमकर जहरीले बोल बोले। सईद ने मुस्लिम देशों से एक साथ आने की अपील की अफगानिस्तान के मुद्दे पर मुसलमान एक होते रहे लेकिन कश्मीर के मसले पर कोई खड़ा नहीं होता है, जबकि दोनों मसले एक तरह के ही है। आतंकी सईद ने इसे बड़ी जंग बताते हुए कहा कि बच्चे-बच्चे को इसके लिए कुर्बानी देने के लिए तैयार होना पड़ेगा। क्योकि यहूदी लोगों ने साजिश करके हमरी जगह कब्ज़ा की है और इसे विफल करने के लिए हम सब को एक साथ खड़े होने का वक्त आ गया है।

ध्यान रहे की कुछ दिनों पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने येरूशमल को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देदी थी।  जिसके बाद फलस्तीन के अलावा इस्लामिक देशों ने विरोध जताया था। अरब लीग ने ट्रंप के इस फैसले को गंभीर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।

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