जानिये सैय्यद सलाहुद्दीन का सच, कश्मीर को 'फौजियों की कब्रगाह' बनाने का देखता है सपना

28 Jun 2017 12:14:59


अवनीश राजपूत

क्या आपको पता है जिस युसुफ शाह उर्फ सैय्यद सलाहुद्दीन को वैश्विक इस्लामिक आतंकवादी घोषित किया जा रहा है, वो 1987 के विधानसभा चुनाव में वह बड़गाम जिले की अमिरा-कडाल विधानसभा सीट से बतौर कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव में उतरा था। साथ ही वो जमात-ए-इस्लामी का कार्यकर्ता नेता रहा है। सबसे जरूरी बात कि हिजबुल मुजाहिदीन का चीफ और यूनाईटेड जेहाद काऊंसिल का चीफ सैय्यद सलाहुद्दीन सैय्यद सलाहुद्दीन एक कश्मीरी है, जो पाकिस्तान से मिली मदद के आधार पर भारत में आतंकी गतिविधियों को संचालित करता है और भारत में कई आतंकी हमलों में शामिल रहा है। पिछले साल जनवरी में पठानकोट एयरबेस पर हमले के पीछे उसके संगठन यूनाइडेट जिहाद काउंसिल का हाथ था। जैश-ए-मोहम्‍मद भी सलाहुद्दीन के संगठन का ही हिस्‍सा है। कश्‍मीर के ज्‍यादातर आतंकी हिज्‍बुल मुजाहिद्दीन से ही जुड़े हुए हैं। कश्‍मीर में हिंसा में इस संगठन का सबसे बड़ा हाथ है।

  • 1990 से पहले कश्मीर कांग्रेस में बड़े नेता के नाम से जाना जाता था यह आतंकी
  • 1987 में कांग्रेस के टिकट पर लड़ चुका है विधानसभा का चुनाव
  • पांचो बेटे कर रहे हैं जम्मू काश्मीर में सरकारी नौकरी
  • कश्मीर को 'भारत के फौजियों की कब्रगाह' बनाने का देखता है सपना

कश्मीर को 'भारत के फौजियों की कब्रगाह' बनाने की इच्छा पाले इस सपोले के पांचों बेटे जम्मू कश्मीर राज्य में सरकारी नौकरी करते मजे से पल रहे हैं। इसका सबसे बड़ा बेटा शकील युसुफ श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंस में मेडिकल सहायक है। दूसरा बेटा जावेद युसुफ शिक्षा विभाग में कम्यूटर ऑपरेटर है। तीसरा बेटा शाहिद युसुफ शेर-ए-कश्मीर एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय में शोधार्थी है। चौथा बेटा वाहिद युसुफ शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंस में डॉक्टर है। वहीं सबसे छोटा बेटा मुईद युसुफ कश्मीर के उद्यमिता विकास संस्थान में नौकरी करता है।

आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा पर इस सैय्यद सलाहुद्दीन को 'ग्लोबल इस्लामिक टैररिस्ट' घोषित होने पर सरकार की सफलता के रुप में भले ही भुना लें, लेकिन यहाँ इस बात पर भी ध्यान देना होगा कि कैसे इस आतंकवादी के परिवार के सभी लोग सरकारी नौकरियों पर पल रहे हैं। हमारी स्थिति ऐसी है कि हिजबुल समर्थक शिया आतंकवादियों को हम बेशर्मी से "अलगाववादी" नाम देते हैं जबकि ईरान व पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद निर्माता सैय्यद अलीशाह गिलानी, मीरवाईज उमर फारूख, सैय्यद सलाहुद्दीन जैसे गलीज लोग खुलेआम सरकारी सुविधाऐं ले रहे हैं और सरकारी सुरक्षा में ऐश करते हुऐ पाकिस्तान जिन्दाबाद, कश्मीर की आजादी के नारे लगा रहे हैं इतना ही नहीं ये लोग भारत को खुलेआम गालियाँ देते हैं और सरकारी सुविधाओं का उपभोग करते हुए मल्टीस्पेसिलिटी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।

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