जम्मू कश्मीर में आतंकी संगठनों की कमर टूटी, जितने भर्ती नहीं हुए उससे ज्यादा ढेर

21 Aug 2017 14:58:27

 

शुभम उपाध्याय


जम्मू कश्मीर में सुरक्षा बलों के लगातार कार्यवाई से राज्य में आतंकी संगठनों की हालात पस्त हो गयी है। सेना द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन और प्रमुख आतंकियों के एनकाउंटर के बाद से आतंकी संगठन अब कमजोर होते जा रहे हैं।

अभी इंटेलिजेंस एजेंसी ने ताजा हालातों पर कुछ आंकड़े जारी किये हैं जिससे यह दिख रहा है कि जम्मू कश्मीर में लोकल स्तर पर आतंकियों की पूछ परख करने वालों की कमी हो रही है। वर्तमान हालात की बात करें तो इस वर्ष आतंकवादियों की जितनी भर्ती नहीं हुई है उससे अधिक सुरक्षाबलों ने आतंकियों को ढेर किया है। रिपोर्ट के हिसाब से इस वर्ष 71 आतंकियों की अलग अलग आतंकी संगठनों में भर्ती हुई थी, वहीं सुरक्षाबलों ने अब तक 132 आतंकियों को मार गिराया है। PoJK से भी घुसपैठ करने वाले आतंकियों में कमी हुई है। जहाँ पिछले वर्ष यह आंकड़ा 123 था वहीं इस वर्ष जुलाई तक 78 आतंकियों ने घुसपैठ की है। रिपोर्ट से अंदाजा लगाया जा सकता है कि आतंकी संगठनों में नए लोगों की सक्रियता में कमी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार जिन 132 आतंकियों को मार गिराया गया है उनमे से 74 विदेशी नागरिक तथा 58 स्थानीय लोग थे। 14 लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और अल-बद्र के टॉप कमांडर थे।

घाटी में पिछले वर्ष बुरहान वानी को सेना ने मार गिराया था। उसके बाद लगातार ऑपरेशन में सब्जार भट्ट, यासीन को भी ढेर किया। सुरक्षाबलों की इस कामयाबी के बाद आतंकी संगठनों के समर्थन में उठने वाले लोग अब सहमें हुए हैं। आतंकी संगठन में भर्ती के गिरते ग्राफ को देखकर यह माना जा सकता है कि जम्मू कश्मीर में स्थानीय स्तर पर लोगो का समर्थन लगभग ख़त्म होता जा रहा है। जम्मू कश्मीर की जनता अब आतंकियों के समर्थन से नहीं बल्कि लोकतांत्रिक सरकार के साथ मिलकर अपना और अपने राज्य का विकास चाहती है।

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