आतंकवाद के लिए अब उमर अब्दुल्ला ने साधा राज्य सरकार पर निशाना

10 Jan 2018 12:59:39


आशुतोष मिश्रा

जम्मू कश्मीर राज्य की विधानसभा में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक बार फिर से वर्तमान सरकार  पर अपना निशाना साधते हुए पूछा, 'कि मुझ पर तो केवल एक बुरहान वानी का इल्जाम है, तो बताइए आप पर कितनों का है?  इस सरकार को मालूम होना चाहिए।'  ध्यान रहे की उमर अब्दुल्ला का ये बयान उस समय आया है, जब मंगलवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एक शोध छात्र मन्नान वानी के बारे में आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन ने ये बताया है कि ये लड़का उसके  संगठन में शामिल हो गया है।

आगे बोलते हुए उमर अब्दुल्ला ने केंद्र द्वारा शांति कायम करने के लिए नियुक्त किए गए वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा पर भी सवाल उठाए। और कहा कि 'शांति वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा के वहां रहने की समय सीमा पर सवाल करते हुए कहा कि वो नहीं जानते कि जम्मू कश्मीर में दिनेश्वर शर्मा का क्या रोल है। औए सबसे बड़ी बात ये की आज भी ये नहीं साफ़ हो सका है की वह सरकार के प्रवक्ता हैं, वार्ताकार हैं या कोई विशेष प्रतिनिधि हैं?

केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में सभी पक्षों से बात करने के लिए 23 अक्टूबर 2017 को IB के पूर्व प्रमुख दिनेश्वर शर्मा को विशेष वार्ताकार के तौर पर नियुक्त किया था। केंद्र सरकार ने उन्हें कैबिनेट सेक्रेटरी का ओहदा दिया है। दिनेश्वर शर्मा सभी पक्षों से बातचीत मुलाकात करके वो अपनी रिपोर्ट केंद्र और राज्य सरकार को देंगे।

दिनेश्वर शर्मा ने अपने दौरे पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से कश्मीर समस्या को लेकर एक बार भेंट कर चुके है। इसके बाद बाद उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा था, 'आज सुबह मैं और श्री दिनेश्वर शर्मा ने श्रीनगर में स्थित मेरे घर पर मुलाकात की। हमने राज्य के वर्तमान स्थितियों को लेकर चर्चा की, जिस पर महत्वपूर्ण कदम उठाये जा सकते हैं। मैंने उनके सामने कुछ मुद्दे रखें और वे उन पर विचार करने के लिए सहमत भी हुए, क्योंकि अगर आप सिर्फ गेस्ट हाउस में बैठकर लोगों के बाहर आने का इंतजार करोगे तो इससे कुछ नहीं होने वाला। आशा करता हूं कि उनके आने से कोशिशें बढ़ेगी।'

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आतंकी बुरहान के एनकाउंटर के बाद पीएम नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए ट्वीट में लिखा था, 'कई सालों बाद मैं श्रीनगर से दूर कई इलाकों की मस्जिदों से आजादी का नारा सुन रहा हूं। नाराज कश्मीरियों के लिए बुरहान एक नया 'आइकन' बन गया है।'  

उमर अब्दुल्ला ने कश्मीर के हालात को ख़राब और चिंताजनक बताते हुए कहा था कि कश्मीर जब आज संकट में है तो प्रधानमंत्री इस संकट की घड़ी में कब जागेगा?  उमर अब्दुल्ला ने इसके लिए राज्य के पीडीपी-बीजेपी गठजोड़ को दोषी ठहराया था। 

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