भारतीय सेना की जवाबी में कार्यवाही मारे गए 138 पाकिस्तानी सैनिक 

11 Jan 2018 17:55:37


आशुतोष मिश्रा

 

वर्ष 2017 में जम्मू कश्मीर में पाकिस्तानी नियंत्रण रेखा पर देश के सुरक्षाबलों द्वारा की गई कार्रवाई में पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस पूरे साल में सीमा रेखा पर तैनात भारतीय सेना के 28 जवान भी शहीद हुए, जबकि अपनी जवाबी कारवाही में पाकिस्तान के 138 सैनिकों को सेना ने मार गिराया है और 155 सैनिक घायल भी हुए है ।

न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि भारतीय जवानों की कार्रवाई में 155 पाकिस्तानी रेंजर्स घायल हुए।भारतीय सेना ने कार्रवाई के दौरान पाकिस्तान की कई चौकियों को भी तबाह कर दिया। सीमा पर 2017 में पूरे साल जब जब पाकिस्तान ने सीजफायर का तोड़ा है तब भारतीय सुरक्षाबलों ने उनको मुहतोड़ जवाब दिया था और नए साल में भी कार्रवाई जारी है। भारतीय सेना के प्रवक्ता अमन आनंद ने कहा, पाकिस्तानी सेना की तरफ से होने वाले हर सीजफायर उल्लंघन का भारत मुंहतोड़ जवाब देता है जो अब भी जारी है।

अगर आधिकारिक आंकड़ों को देखे तो पाकिस्तान सेना की तरफ से सीमा रेखा पर साल 2017 में 860 बार सीजफायर तोड़ा गया है जबकि साल 2016 में यह आंकड़ा सिर्फ 221 था।इस पूरे साल भारतीय सेना के स्नाइपरों ने सटीक फायरिंग में 27 पाकिस्तानी सैनिकों को मार डाला, जबकि नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी स्नाइपर की फायरिंग में तीन भारतीय सैनिकों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी हैं।

सुरक्षा बल लगातार आतंकवादियों को पाकिस्तानी सेना की ओर से मिलने वाली मदद को नाकाम करने के लिए लगातार भारतीय सेना पूरे क्षेत्र में विभिन्न तरह के अभियान चलाती रहती है। वर्ष 2017 के  मई में भारतीय सेना ने बताया था कि उन्होंने दो सैनिकों के सिर काटे जाने के बाद उन्होंने नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की थी। ये कार्यवाही इस घटना के तुरंत बाद की गई थी।

भारतीय सेना ने दिसंबर 2017 में भी एक बार नियंत्रण रेखा पार करके पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में 300 मीटर में घुसकर अपने चार सैनिकों की शहादत का बदला लिया। इसमें पाकिस्तान सेना के तीन सैनिक मारे गए थे और एक घायल हो गया था। इससे पहले सितंबर 2017 में सीमा रेखा पर सीमा सुरक्षा बल ने भी ऑपरेशन अर्जुन चलाया, जिसके तहत पाकिस्तान के पूर्व सैनिकों, आईएसआई और पाक रेंजर्स के अधिकारियों के आवास निशाना बनाया था। इस साल सेना ने 2016 की तरह कोई बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक जैसी बड़ी कार्रवाही तो नहीं थी, लेकिन फिर भी इस साल सटीक जानकारियों के साथ सटीक कार्यवाहियों को अन्जाब दिया है। 2017 के अंतिम सप्ताह में बीएसएफ ने भी अपने एक शहीद जावन का बदला लिया, जिसमें 24 घंटे के अंदर 10-12 पाकिस्तानी रेंजर्स को मार गिराया और उनकी 4 चौकियाँ भी बरबाद कर दी थी।

पाकिस्तान सेना की लगातार नीति रही है कि वो अपने मरने वाले जवानों की संख्या को स्वीकार नहीं करता है। इसके लिए कारगिल युद्ध का भी हवाला दिया गया है, जिसमें पाकिस्तान सेना को भारी नुकसान के सबूत देने के बाद भी उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया।

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