पीडीपी विधायक ने आतंकी को बताया 'अपना भाई' 

11 Jan 2018 16:49:08


 

आशुतोष मिश्रा

भारतीय सेना ने आतंकवादियों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में अभियान छेड़ रखा है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चल रहे शीतकालीन सत्र से बाहर आते हुए बीजेपी के सहयोग से सरकार चला रही पीडीपी के एक विधायक ने आतंकियों को शहीद करार देकर विवाद खड़ा कर दिया है।

पीडीपी विधायक एजाज अहमद मीर ने एक बार फिर से  विवादित बयान देते हुए कहा कि कश्मीर के आतंकी शहीद हैं और वे हमारे भाई हैं। इनमें से कुछ तो नाबालिग हैं, जिन्हें यह नहीं पता है कि वह क्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उग्रवादियों की मौत पर हमें जश्न नहीं मनाना चाहिए, वे कश्मीर के ही निवासी हैं। इसलिए हमें उनकी मौत का कभी भी जश्न नहीं मनाना चाहिए, यह तो हम सब की सामूहिक असफलता दिखाता है। हमें सभी को तब भी दुख होता है जब हमारे सुरक्षाबल का कोई भी जवान शहीद होते हैं। हमें जवानों के साथ ही आतंकियों के परिवारों के साथ भी सद्भावना रखनी चाहिए।

मीर के इस बयान के बाद पीडीपी के साथ बीजेपी के गठबंधन पर भी सवाल उठने लगे हैं। क्योंकि जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और भाजपा गठबंधन की सरकार है। ऐसे में बीजेपी ने एजाज अहमद के बयान से किनारा कर लिया है।

इससे पहले जब बुरहान वानी को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था तब भी दोनों पार्टी में मतभेद उभरे थे। जम्मू कश्मीर राज्य में पीडीपी और भाजपा गठबंधन की सरकार है इसलिए PDP विधायक के इस तरह के बयान के बाद राज्य भाजपा और केंद्र सरकार अब विपक्ष के निशाने पर आ सकती है।

भाजपा ने एजाज अहमद के इस बयान से ने किनारा कर लिया है और उसे गलत करार दिया है। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने पीडीपी विधायक के बयान का विरोध करते हुए कहा है कि अलगाववादी और आतंकी कश्मीर के दुश्मन हैं। खुद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती कह चुकी हैं कि कश्मीर के लोग अमन चाहते हैं। ऐसे में कोई आतंकी किसी के भाई कैसे हो सकते हैं।

जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री और वहां की पुलिस ने भी स्थानीय आतंकवादियों से आतंक का रास्ता छोड़कर घर वापस लौटने की गुजारिश की है और साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। जम्मू -कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर में जारी हिंसा को रोकने के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत शुरू करने की वकालत की थी।

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