अमेरिकी दबाव के बाद भी हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई पर पाकिस्तान ने साधी चुप्पी

12 Jan 2018 14:14:31

 


 आशुतोष मिश्रा

वर्ष 2018 के शुरुआत में ही अमेरिकी सरकार ने पाकिस्तान सरकार पर अपना हमला बोलते हुए आरोप लगाया था, कि अमेरिका ने पिछले 15 सालों में 33 अरब डालर की सहायता के बदले अमेरिका को ‘झूठ और धोखे’ के सिवा कुछ भी नहीं दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साथ ही यह भी कहा दिया था कि पाकिस्तान ने आतंकवादियों को हमेशा से ही उनकी कार्यवाही के लिए अपने देश की जमीन का उपयोग करने दिया हैं। वाशिंगटन प्रशासन ने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा पाकिस्तान पर 'झूठे और धोखेबाज' होने के आरोप लगाने के बाद  पाकिस्तान को दी जाने वाली सुरक्षा सहायता राशि रोका दिया है। जिसके बाद पाकिस्तान ने कहा था कि अफगानिस्तान में अपनी असफलताओं को छुपाने लिए अमेरिका पाकिस्तान को बलि के बकरे के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। अब इस तरह के पर्यावरण में पाकिस्तान अब अमेरिका के साथ अपने सभी सैन्य और खुफिया संबंध तोड़ता हैं।

जिसके बाद से पाकिस्तान अपने आप को पूरी दुनिया में आतंकवाद से सबसे ज्यादा ग्रस्त और परेशान दिखाने में जुट गया है। अब एक बार फिर से पाकिस्तान ने मुम्बई हमले के षड्यंत्रकर्ता हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई किये जाने को लेकर चुप्पी साध ली है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को जानता और समझता है। और पाकिस्तान इन विषयों को पूरी गंभीरता से लेता है।  लेकिन फिर भी अभी तक पाकिस्तान ने कभी भी किसी आतंकवादी समूहों के खिलाफ कोई भी कार्यवाही नहीं करता दिखता है। जब भी भारत और दुनिया के देश पाकिस्तान के ऊपर दबाव बनाते है तो वो केवल दिखाने के लिए कुछ छोटी मोटी कार्यवाही कर देता है।   

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कल अपनी साप्ताहिक प्रेस  ब्रीफिंग के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि पाकिस्तान सईद समेत सूचीबद्ध व्यक्तियों और समूहों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को लागू करने के लिए गंभीर है। 

फैसल ने कहा कि पाकिस्तान में जहां तक ​​हाफिज सईद का संबंध है, हम उसके विषय को पूरी गंभीरता से ले रहे है। हमारा देश इस प्रकार के सूचीबद्ध व्यक्तियों और संस्थाओं की संपत्तियों को फ्रीज करने, हथियारों पर प्रतिबंध और यात्रा पर रोक से संबंधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों को लागू कर रहे हैं। पाकिस्तान ने प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा के संगठन जमात-उद-दावा के चंदा इकट्टा करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

विदेश मंत्रालय कार्यालय के प्रवक्ता ने आगे कहा कि पाकिस्तान जम्मू कश्मीर समेत भारत के साथ सभी महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत करने के लिए तैयार है लेकिन क्योंकि भारत वार्ता के लिए तैयार नहीं है इसलिए इसमें पाकिस्तान इस पर कुछ भी नहीं कर सकता है। पाकिस्तान ने लगातार कहा है कि सभी महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान करने के लिए एक समग्र, परिणाम-उन्मुख, निर्बाध बातचीत के माध्यम से आगे बढ़ा जा सकता है।

पाकिस्तान लगतार दुनिया को ये बोलता है की भारत उनसे बात नहीं करता है। लेकिन ये दुर्भाग्य ये है की जब भी भारत बातचीत के दौर को आगे बढ़ता है तब ही पाकिस्तान समर्थित आतंकी समूह कोई ना कोई आतंकी घटना को अंजाम दे देते है। इस जब तक पाकिस्तान आतंक का समर्थन बंद नहीं करता तब तक उससे कोई बात नहीं होनी चाहिये।    

JKN Twitter