जम्मू कश्मीर : क्षेत्र अवं जनसांख्यिकी

13 Jan 2018 11:58:25

 प्रश्नोत्तरी भाग - 1


 

 

प्र० महाराजा हरिसिंह के राज्य का विस्तार कहां तक था ?

उ० महाराजा का पदनाम था - महामहिम श्रीमान इंदर महिंदर राजराजेश्वर महाराजाधिराज श्री हरि सिंह जी बहादुर, जम्मू-कश्मीर नरेश, तथा तिब्बत आदि देशाधिपति। अर्थात वे इन सभी क्षेत्रों के शासक थे। जम्मू-कश्मीर के साथ ही तिब्बत के कुछ भू-भाग भी उनके राज्य का हिस्सा थे। ब्रिटिश भी महाराजा को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख तथा तिब्बत के पूर्ण शासक के रुप में ही मान्यता देते थे।

 

 

प्र० कश्मीर तो स्वाभाविक ही इसमें सबसे महत्वपूर्ण है । क्या अन्य किसी भाग का भी कोई जनसांख्यिक अथवा रणनीतिक महत्व है?

उ० रणनीतिक दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण राज्य का वह भाग है जो आज पाकिस्तान और चीन के अवैध कब्जे में हैं। विशेषकर गिलगित-बल्तिस्तान। भारतीय नियंत्रण वाले क्षेत्र में भी कश्मीर राज्य के तीन मण्डलों में से एक और सबसे छोटा हिस्सा है।

कुल 2 लाख 22 हजार वर्गकिमी क्षेत्रफल वाले जम्मू-कश्मीर में से भारत के नियंत्रण वाले भाग का क्षेत्रफल 1,01,387 वर्गकिमी है। इसमें 59,146 वर्गकिमी क्षेत्रफल लद्दाख का है। इसी प्रकार 26,293 वर्गकिमी का जम्मू है और कश्मीर केवल 15,948 वर्गकिमी है। यह लग-भग 100 किमी चौड़े और 160 किलोमीटर लंबे, कटोरे के आकार वाला क्षेत्र है। राज्य का 84 प्रतिशत हिस्सा हिन्दू बहुल जम्मू व बौद्ध बहुल लद्दाख का है।

 

 

प्र० क्या लद्दाख मुस्लिम बहुल क्षेत्र नहीं है?

उ०रू नहीं। लद्दाख में पांच में से चार घाटियां बौद्ध बहुल हैं। नुब्रा, चांगथांग, लेह और जंस्कार में लगभग 80 प्रतिशत बौद्ध हैं। केवल सुरु घाटी के करगिल और द्रास में मुस्लिम बहुमत है। वहां भी शिया मुसलमान अधिक हैं न कि सुन्नी संप्रदाय जो कश्मीर घाटी में बहुमत में है। लद्दाख के लगभग 40 प्रतिशत लोग मुस्लिम हैं।

 

 

प्र० जम्मू तो हिन्दू बहुल क्षेत्र है?

उ० हां। जम्मू में लगभग 70 प्रतिशत लोग हिन्दू हैं। यह जम्मू-कश्मीर राज्य का हिन्दू बहुल क्षेत्र है।

 

 

प्र० जम्मू-कश्मीर में वास्तव में पिछले 65 सालों से क्या हो रहा है?

उ० यहां राष्ट्रवाद और अलगाववाद के बीच निरंतर संघर्ष चल रहा है। यह लडाई राष्ट्रवादियों, जो राज्य के अधिकांश क्षेत्र में बहुमत में हैं और अलगाववादियों के बीच है, जिनका प्रभाव राज्य में कश्मीर घाटी के पांच जिलों तक ही सीमित है। क्योंकि बहुमत राष्ट्रवादियों का है इसलिये जम्मू-कश्मीर मजबूती से भारत में है। विदेशी हस्तक्षेप और केंद्र सरकार द्वारा इस मुद्दे को गलत ढंग से निपटने के बावजूद राष्ट्रवाद यहां न कभी हारा है और न कभी हारेगा।

 

 

प्र० जम्मू-कश्मीर में मुस्लिम आबादी के विभिन्न संप्रदायों की संरचना क्या है ? भारत के संबंध में उनकी क्या दृष्टि है ?

उ० उनमें से 14 प्रतिशत गुज्जर मुस्लिम हैं। 8 प्रतिशत पहाड़ी राजपूत मुसलमान हैं और 10 प्रतिशत शिया मुसलमान हैं। जम्मू-कश्मीर के कुल मुसलमानों के लगभग एक तिहाई जनसंख्या वाले इन तीन समुदायों से कोई अलगाववादी नेता नहीं है।

 

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