उरी में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, सुरक्षा बलों ने मारे जैश के छ: आतंकी

15 Jan 2018 13:39:19



आशुतोष मिश्रा

जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास सुरक्षा बलों ने घुसपैठ की एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए जैश-ए-मोहम्मद के 6 आतंकवादियों को मार गिराया है। उरी सेक्टर के दुलांजा इलाके में सेना और सुरक्षाबलों के एक संयुक्त अभियान में जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकवादी मारे गए हैं।

 

आज सुबह सेना के एक दल ने सुबह  जवानों ने कुछ आतंकियों को नियंत्रण रेखा पार करते देखा जिन्हें देखते ही सुरक्षाबल के जवानों ने आत्मसमर्पण के लिए ललकारा। लेकिन इसके जवाब में आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी फिर जवानों ने भी जवाबी कार्यवाही करते हुए उनके ऊपर गोलीबारी शुरू कर दी। आतंकियों और जवानों के बीच शुरू हुई ये मुठभेड़ अब ख़त्म हो गई है। इस कार्यवाही में अभी तक सुरक्षा बलों ने जैश-ए-मोहम्मद के 6 आतंकवादियों को मार गिराया है।

इस मुठभेड़ के बाद सेना ने पूरे इलाके को घेर लिया है और बचे हुए आतंकियों की तलाश में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सेना को पहले से सेना को सूचना मिली थी की उड़ी जैसे हमले को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों फिर से दोहरा सकता है जिसके लिए उसका एक आत्मघाती दस्ता उड़ी सेक्टर में घुसपैठ करेगा।  वर्ष 2016 में  18 सितम्बर को हमला करके एल आत्मघाती दस्ते ने उड़ी ब्रिगेड हेड क्वाटर्स पर हमला करके 19 जवानों को शहीद कर दिया था।

इसका जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने भी पकिस्तान अधिक्रांत जम्मू कश्मीर में घुस कर कई आतंकी अड्डों को ख़त्म कर दिया था।

 

इससे पहले 12 जनवरी को ही जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के नजदीक बारूदी सुरंग के विस्फोट में एक जवान जख्मी हो गया है। सेना के एक गश्ती दल के एक जवान ने जब नियंत्रण रेखा के नजदीक बिछाई गई बारूदी सुरंग पर पैर रखा तो उसमें विस्फोट होने से वह जख्मी हो गया था। जख्मी जवान को सेना के श्रीनगर स्थित 92 बेस अस्पताल ले जाया गया और उसकी हालत अब स्थिर है।

 

इससे पहले जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों ने शनिवार को एक बड़ी साजिश को नाकाम किया था। श्रीनगर में सीआरपीएफ सुबह करीब 3 बजे श्रीनगर-बारामूला हाइवे पर आईईडी की मौजूदगी की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस, सेना की 2 राष्ट्रीय राइफल्स और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों द्वारा इस इलाके को सील कर दिया गया। इसके बाद सुबह करीब 9 बजे डॉग स्क्वायड की मदद से हाइ वे पर मौजूद एक डिवाइडर के पास आईईडी बरामद की गई जिसे सेना की इंजिनियरिंग टीम की मदद से करीब 11 बजे डिफ्यूज कर दिया गया।

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