केंद्र सरकार की किश्तवाड़ को नई सौगात जल्द मिलेगी नई हवाई पट्टी

17 Jan 2018 11:57:57

 


आशुतोष मिश्रा

जम्मू कश्मीर राज्य में सैन्य रणनीतिक और पर्यटन के एक महत्वपूर्ण जिले किश्तवाड़ में अब जल्द ही एक जल्द ही विमान लैंडिंग के लिए एक पूर्ण हवाई अड्डे की सुविधा मिल जाएगी। अभी तक जिले छोटे विमानों और हेलीकाप्टर को उतारने के लिए  शहर के  चौगान ग्राउंड  हवाई पट्टी का उपयोग किया जाता है। इस हवाई पट्टी को ही अब उन्नत करके हवाई अड्डे का निर्माण किया जाएगा। । इसका मकसद कम दरों पर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाना है।

 

ये बाते जम्मू कश्मीर की राज्य सरकार और रक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई एक संयुक्त बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने बताया। इस बैठक में राज्य रक्षा मंत्री डॉ सुभाष रामराव भामरे, जम्मू कश्मीर राज्य के परिवहन मंत्री  सुनील शर्मा और जिले के जिलाधिकारी ने हिस्सा लिया। जबकि राज्य सरकार के मुख्य सचिव श्री भरत व्यास और मुख्य सचिव श्री प्रवीण कुमार कंसल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इसे मंजूरी दी गई।

केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि आने वाले कुछ ही दिनों में जम्मू कश्मीर और सैन्य अधिकारियों के बीच इस समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। जिसमें जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा एक हवाई पट्टी का निर्माण और रखरखाव किया जाएगा, और अतिरिक्त एक अलग पट्टी के निर्माण के लिए जो भूमि की जमीन वर्तमान में सेना के पास है उस पर उसका निर्माण किया जायेगा। इस हवाई पट्टी का उपयोग समान रूप से नागरिक विमान और भारतीय सेना के विमानों के लिए किया जाएगा। 

डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि किश्तवाड़ में एक पूर्ण हवाई अड्डे के विकास के साथ शहर में पूरे साल विमान सेवा मिलना शुरू हो जाएगी।  लेकिन अभी वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन संभवतः संभव नहीं हो सकेगा, लेकिन भविष्य ऐसा संभव होगा।  लेकिन राज्य एयरक्राफ्ट, चार्टर्ड एयरक्राफ्ट और आपातकालीन उड़ाने तुरंत ही शुरू हो जायेगी और इन उड़ानों  के संचालन के लिए निश्चित प्रावधान होंगे।

किश्तवाड़ पर्यटन वह जिला है जिसमें कश्मीर की ही तरह भारी बर्फबारी होती हैं। किश्तवाड़ से होते हुए हम सीधे संथनटॉप से होते कश्मीर घाटी जा सकते हैं। इस जिले के पाडर इलाके में ही मचैल चंडी मंदिर का मंदिर, सरथल माता मंदिर जैसे कई अन्य मंदिर है। किश्तवाड़ जिले का गुलाबगढ़ ही वो क्षेत्र जहां से जोरावर सिंह ने कैलाश मानसरोवर होते हुये लाह्सा तक की विजय यात्रा की थी। किश्तवाड़ जिला भी पूरी दुनिया में अपने 'केसर' के लिए मशहूर है। 

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