पाक चीन के खिलाफ फिर फूटा पाक अधिक्रांत जम्मू कश्मीर के लोगों का गुस्सा

08 Jan 2018 16:50:15

 


आशुतोष मिश्रा

 

बीते कुछ सालों से पाक के अवैध कब्जे वाले जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान के साथ वहां काम कर रही चीनी कंपनियों के खिलाफ लोगों का विरोध बढ़ता जा रहा है। इसी कारण से इस क्षेत्र में इन दोनों देशों के खिलाफ अकसर यहाँ प्रदर्शन होते रहते हैं। पाक के अवैध कब्जे वाले जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान द्वारा वहां के जल संसाधनों का गलत तरीके से उपभोग पर क्षेत्र के लोगों द्वारा उनके खिलाफ बड़ा प्रदर्शन हुआ। जिसमे पाक के अवैध कब्जे वाले जम्मू कश्मीर के लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सड़क जाम कर दिया।

 

पाक के अवैध कब्जे वाले जम्मू कश्मीर की पार्टी आवामी ऐक्शन फोरम और राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ मुजफ्फराबाद के लोगों ने पाक के अवैध कब्जे वाले जम्मू कश्मीर में बन रहे 'कोहला हाइड्रोपावर प्रॉजेक्ट' के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुजफ्फराबाद-रावलपिंडी राजमार्ग को पूरी तरह से जाम कर दिया।

पूरे प्रदर्शन के दौरान लोगों ने इस बात को लेकर अपनी चिंता जताई है कि चीन की कंपनियां गलत तरीकों से पानी का ज्यादा दोहन कर रही हैं।  साथ ही प्रदर्शनकारियों ये कहा कि इस परियोजना बिना स्थानीय लोगों से किसी बात-चीत के शुरू नहीं करना चाहिए था। आवामी ऐक्शन कमिटी के प्रमुख रजा मुमताज खान ने कहा, 'चीन की कंपनी ने आवामी ऐक्शन फोरम के साथ कोई समझौता नहीं किया है और न ही लोगों की आशंकाओं को दूर करने के लिए कोई प्रयास किया गया। हालत यह है कि दरबनगढ़ और नरोला समेत पूरे क्षेत्र में जल स्रोत सूख रहे हैं।'

 

जनवरी 2015 में कोहला हाइड्रोपावर प्रॉजेक्ट के डिवेलप करने के अधिकार  चीन की सरकारी हाइड्रोपावर डिवेलपर कंपनी 'द चाइना थ्री जॉर्ज्स कॉर्पोरेशन (CTGC)' को मिले थे। यह  परियोजना 110 MW बिजली उत्पादन की है।  चीनी कंपनी CTGC द्वारा पाकिस्तान  में की जा रहा सबसे बड़ा निवेश है। इस परियोजना के 2021 में पूर्ण होने की संभावना है।

पिछले वर्षो  में बांध और पावर स्टेशन की कई परियोजना पाकिस्तान ने चीन को दी है। पाकिस्तान ने7 जुलाई 2007 को एक बांध निर्माण करने का कॉन्ट्रैक्ट CGGC-CMEC को दिया था। इस परियोजना में काम कर रहे 100 से ज्यादा कश्मीरी वर्कर्स को CGGC-CMEC ने काम से निकाल दिया था। इस मामले पर कर्मचारियों ने CGGC-CMEC पर आरोप लगाया है, कि कोर्ट का स्टे ऑर्डर होने के बावजूद उन्हें बर्खास्त किया गया। और पाकिस्तान ने भी सभी  विरोधों को दरकिनार करते हुए चीनी कंपनी को हाइड्रोपावर परियोजना का काम जारी रखने दिया था।

 

पूरी दुनिय भर के पर्यावरण विशेषज्ञ लोगों ने इस क्षेत्र में हो रहे अंधाधुंध बांधों के निर्माण और हाइड्रोपावर परियोजनों से पर्यावरण को होने वाले नुक्सान को लेकर चिंताए बढ़ गई है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोगों को निर्माण कार्य के चलते विस्थापित भी किया गया है। इस कारण से भी पाक के अवैध कब्जे वाले जम्मू कश्मीर के लोग चीनी कंपनियों द्वारा बनाए जा रहे इन हाइड्रोपावर परियोजनों का विरोध करते रहे हैं।

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