सेना ने भी दर्ज कराई FIR

01 Feb 2018 15:03:11


आशुतोष मिश्रा

सेना पर जम्मू कश्मीर राज्य पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के विरोध में सेना ने भी एक प्राथमिकी दर्ज करा दी है। मेजर आदित्‍य और 10 गढ़वाल यूनिट के एक सैनिक पर हत्‍या और हत्‍या के प्रयास का मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही राज्य और शेष भारत की राजनीति में एक बार फिर से भूचाल सा आ गया है। शोपियां में शनिवार को करीब 200 लोगों की भीड़ ने सेना के काफिले पर हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में सेना ने भी फायरिंग की जिसमें 2 पत्थरबाज युवाओं की मौत हो गई और एक पत्थरबाज घायल हो गया।

 

घटना के बाद ही सेना ने साफ किया था कि वह हर स्थिति में अपने जवानों का साथ देंगे। राज्य की सरकार द्वारा दर्ज किए गए इस केस का पूरे भारत भर में तीव्र विरोध हो रहा है, जिसके कारण जम्मू कश्मीर राज्य सरकार पर सेना के जवानों पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने का दबाव बढ़ रहा है। जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस मामले में कदम पीछे हटाने से इंकार कर दिया हैं। जिसके के बाद से ही राज्‍य में गठबंधन सरकार चला रहे पीडीपी और भाजपा के मतभेद एक बार फिर से सबके सामने आ गए हैं।

 

सेना की उत्तरी कमान के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अन्बु ने इस मामले पर कहा, ‘हमारा रुख इस बारे में बिल्कुल साफ है कि अगर उकसावे वाली कार्रवाई होती है, तो आत्मरक्षा के लिए हम जवाब देंगे।’ पहले ही सेना के बड़े अधिकारियों ने इस मामले में मेजर लीतुल गोगोई की तरह एफआईआर के घेरे में आए सैनिकों का साथ देने का फैसला किया है। लेफ्टिनेंट जनरल अन्बु ने कहा, ‘इस केस में एफआईआर की कोई जरूरत नहीं थी। अब जांच के बाद सच सामने आ जायेगा। शोपियां में फायरिंग सिर्फ आत्मरक्षा के लिए की गई थी।’ जनरल अन्बु ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस केस में कोई गिरफ्तारी नहीं होगी, लेकिन मेजर आदित्य से पूछताछ की जा सकती है। उत्तरी क्षेत्र सेना कमांडर के बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सेना पूरी तरह से जवानों के साथ खड़ी है।

 

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