काबुल हमले के बाद फिर खुली पकिस्तान की पोल

01 Feb 2018 15:38:40


आशुतोष मिश्रा

पाकिस्तान जहां एक ओर पूरी दुनिया में अपने देश को आतंकवाद ग्रस्त बताता है। दुनिया भर के देशों में फैलते आतंकवाद के पीछे अब हर बार पाकिस्तान का नाम आ रहा है। इसका सबसे नया उदाहरण अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर पिछले 10 दिनों में हुए दो बड़े आतंकी हमलों के सबूत है। काबुल में हुए इन दो हमलों में अब तक 143 लोगों की जान चली गई हैं।  

बीते 20 जनवरी को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में वहां के सबसे बड़े होटल 'इंटरकॉन्टिनेंटल' पर पांच आतंकियों ने हमला किया था। इस आतंकी हमले में 40 लोग मारे गए थे, जिसमे अधिकतर विदेशी नागरिक थे। इस हमले में मारे गए एक आतंकी के पिता को अफगान खुफिया एजेंसी ने गिरफ्तार कर लिया था। आतंकवादी हमले की जांच कर रहे दल को गिरफ्तार किए गए आतंकी के पिता ने बताया कि ISI ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के चमन में मेरे बेटे और कुछ आतंकियों को प्रशिक्षण दिया था। पूछताछ में ये बात भी निकलकर सामने आयी है कि होटल और इसके बाद काबुल की व्यस्ततम बाजार में हुए हमले के पीछे भी पाकिस्तान का ही हाथ है। दोनों हमलों की साजिश पाकिस्तान के एक मदरसे में रची गई थी।

काबुल में हुए आतंकी हमलों के पीछे पाकिस्तान का हाथ सामने आने के बाद एक उच्च स्तरीय अफगान प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में अफगान खुफिया विभाग के प्रमुख और अफगानिस्तान के गृहमंत्री भी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तानी अधिकारियों को वह सबूत सौंपे, जिससे ये सिद्ध होता है कि  काबुल में हुए आतंकी हमलों में पाकिस्तान का हाथ है। पाकिस्तानी सेना को भी ये सबूत दिए जा सकते है।

मीडिया रिपोर्टो के अनुसार अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खकान अब्बासी से टेलीफोन पर बातचीत करने से इनकार कर दिया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद अब्बासी ने काबुल में हुए आतंकी हमले के संबंध में अपनी संवेदना जताने के लिए फोन किया  था।

दूसरी तरफ अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने ट्वीट कर कहा कि 'प्रधानमंत्री मोदी ने मानवता के दुश्मनों द्वारा नागरिकों की मूर्खतापूर्ण हत्याओं के प्रति अपनी गहरी संवेदना जताने के लिए फोन किया था।' अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा कि 'भारत हमेशा से अफगानिस्तान का अच्छा दोस्त रहा है, जो हमारे दुख और वेदना को साझा करता है।'

कुछ दिनों पहले पाक पीएम अब्बासी ने हाफिज सईद को ‘साहेब’ कहते हुए कहा था कि उसके खिलाफ पाक में कोई केस दर्ज नहीं है इसलिए मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। पाक प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद अमेरिका की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर से साफ कर दिया था कि सईद को वह अब भी आतंकी मानता है और उसके रुख में कोई परिवर्तन नहीं आया है।

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