जम्मू में सेना के कैंप पर आतंकी हमला, 2 जवान शहीद

10 Feb 2018 15:59:14


मुकेश कुमार सिंह

जम्मू कश्मीर में सेना के सुंजवान कैंप पर शनिवार तड़के करीब 4 से 5 आतंकी ग्रेनेड फेंकते हुए और गोलीबारी करते परिसर में घुस आए। आतंकियों के हमले में दो जेसीओ शहीद हो गए जबकि 4 जवान घायल हो गए। सेना के जवानों ने सभी आतंकियों को घेरकर उनको खत्म करने का अभियान शुरू कर दिया है।

सूत्रों के मुताबिक 4 बजकर 55 मिनट पर कैंप की सुरक्षा में तैनात एक संतरी ने कुछ संदिग्ध हरकत देखी। संतरी ने फायर किया तब दूसरी तरफ से आतंकी दो ग्रुपों में बंटकर संतरी बंकर पर फायरिंग करते हुए आर्मी परिसर में घुस गए। आतंकी सेना कैंप के पिछले हिस्से से हमला किये। रिपोर्ट्स के मुताबिक ये आतंकी एक फ्लैट में घुस गए। गौरतलब है कि सेना के कैंप का कुछ हिस्सा रिहायशी भी है। इसमें सैनिकों के परिवारों के लिए कई फ्लैट बने हुए हैं। ऐसे में माना जा रहा है आतंकी जवानों के साथ ही उनके परिवार को निशाना बनाने के मंसूबे के साथ कैंप में घुसे थे। हमले के फौरन बाद उधमपुर से आईएएफ के पैरा कमांडोज को जम्मू एयर लिफ्ट किया गया है इसके साथ ही यह भी खबर है कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित सरसावा सैनिक बेस से भी पैरा कमांडो को भेजा गया है। साथ ही आतंकियों के सफाये के लिए राष्ट्रीय रायफल्स के 200 जवानों को लगाया गया है। सेना आतंकियों की तलाश के लिए हर कमरे की छानबीन शुरू कर दी है। इसके साथ सेना हेलीकाप्टर और ड्रोन की सहायता भी ले रही है।

 

जम्मू में हाई अलर्ट 

 

जम्मू कश्मीर के सुंजवान आर्मी कैंप में सेना के जवानों के सैकड़ों क्वॉटर्स हैं। जिसमें करीब तीन हजार जवान रहते हैं। सूत्रों के मुताबिक आतंकी कैंप के पीछे की दीवार से कूदकर परिषर में दाखिल हुए थे। आतंकियों ने गार्ड्स के बंकर पर सबसे पहले फायरिंग की उसके बाद जब सेना से जवाबी कार्रवाई की तब आतंकी सेना के फ्लैट में घुस गए। अभी तक आतंकियों की तरफ से रुक-रुककर फायरिंग की आवाजें आ रही हैं। इस हमले में एक हवलदार की बेटी भी घायल हो गई है। वही जिला प्रशासन जानमाल की सुरक्षा के लिए शिविर के 500 मीटर के आस-पास के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश दे दिया है। बता दें कि साल 2006 में भी आतंकवादियों ने इसी सेना के कैंप पर हमला किया था। उस आतंकी हमले में सेना के 12 जवान शहीद हो गए थे और सात अन्य घायल हुए थे। वहीं दो आत्मघाती आतंकी भी मारे गए थे। खुफियां एजेंसियों ने अफजल गुरू के बरसी पर आतंकी हमले को लेकर अलर्ट जारी कर रखा था। मालूम हो कि 13 दिसंबर 2001 में संसद पर आतंकी हमले के साजिशकर्ता अफजल गुरू की 9 फरवरी को बरसी थी। इसके दो दिन बाद 11 फरवरी को जेकेएलएफ के आतंकी मकबूल बट्ट की बरसी है। इसी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे जम्मू कश्मीर में रेड एलर्ट जारी किया था। वही सीमा पर पाकिस्तानी सेना ने पिछले कुछ दिनों से भारतीय रिहायसी क्षेत्र पर भारी हथियारों से गोलीबारी कर आतंकियों को सीमा पार कराने का प्रयास कर रही है।

 

 

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