नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ का प्रयास नाकाम

15 Feb 2018 14:26:41


आशुतोष मिश्रा

 

आतंकी अब कश्मीर घाटी छोड़कर जम्मू क्षेत्र में घुसपैठ की फिराक में है क्योंकि जब से भारतीय सेना घाटी में ऑपरेशन आल आउट की शुरूआत की है तब से आतंकियों का बचना लगभग नामुमकिन हो गया है। इसलिए आतंकियों ने जम्मू के आस-पास के नियंत्रण रेखा पर लगातार सक्रिय दिख रहे है।

 

आतंकियों के एक समूह ने कल पुंछ जिले के बालाकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ का प्रयास किया। नियंत्रण रेखा पर तैनात  सुरक्षाबल के जवानों ने 5-6 आतंकियों को नियंत्रण रेखा पार करने का प्रयास करते हुए देखा उसके बाद सुरक्षाबल के जवानों ने कार्रवाई करते हुए आतंकियों को वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद इन आतंकियों ने एक बार फिर से अन्धेरे का फायदा उठाते हुए भारतीय सीमा क्षेत्र में दाखिल होने का प्रयास किया। जिसके बाद सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को पाकिस्तानी क्षेत्र में ही मार गिराया और कुछ आतंकी इस कार्रवाई में बुरी तरह से जख्मी हो गए। 

 

पाकिस्तानी सेना घुसपैठ की कोशिश नाकाम होते देख जम्मू कश्मीर के राजौरी में मंजाकोट के तारकुंडी, नाइका, पंजग्रेन, खोरीनार और राजधानी गांवों तथा पुंछ के बालाकोट सेक्टर में करीब छह गांवों में भारी गोलाबारी शुरु कर दी। भारतीय सुरक्षाबल लगातार पाकिस्तानी रेंजरो को मुहतोड़ जवाब दे रहे है। इस साल जम्मू क्षेत्र में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी में 10 सुरक्षाकर्मियों और 8 नागरिकों सहित कुल 18 लोग मारे गए जबकि 75 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इन्हीं कारणों से वर्ष 2017 में जम्मू कश्मीर में पाकिस्तानी नियंत्रण रेखा पर भारतीय सुरक्षाबलों द्वारा की गई कार्रवाई में पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इस पूरे साल में सीमा रेखा पर तैनात भारतीय सेना के 28 जवान शहीद हुए, जबकि भारतीय सुरक्षाबलों की कार्रवाई में पाकिस्तान सेना के 138 सैनिकों को मार गिराया और 155 सैनिक घायल हुए है।

 

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