सुंजवान हमले की जांच शुरू

15 Feb 2018 12:53:56


आशुतोष मिश्रा

सुंजवान में सेना के ब्रिगेड मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले की जांच के लिए जम्मू कश्मीर राज्य पुलिस ने विशेष जांच दल बनाया है। यह जांच दल जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को कश्मीर में मिली सहायता और घाटी में उनके कभी ओवरग्राउंड वर्कर रहे लोगों से भी पूछताछ करेगा। पिछले वर्षो में पकड़े गए लगभग सभी आतंकियों से जांच दल पूछताछ करेगा।

 

सुंजवान हमला होने से पहले विभिन्न खुफिया एजेंसियां जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमले का अलर्ट जारी कर दी थी। यह अलर्ट जम्मू कश्मीर में सक्रिय आतंकियों की रेडियो से बातचीत से मिले संकेतों के आधार पर जारी किया गया था। सुंजवान में मारे गए जैश के तीनों वही पाकिस्तानी आतंकी हैं, जो पुलवामा में एक साल के दौरान आतंकी गतिविधियों में सक्रिय रहे है। इसको देखते हुए जांच दल उनके सभी स्थानीय मददगारों को भी पकड़ने का प्रयास कर रही है। सुंजवान हमले के दौरान मारे गए तीनों आतंकियों की पहचान कारी मुश्ताक उर्फ छोटू, मोहम्मद आदिल उर्फ इरफान और मोहम्मद खालिद उर्फ राशिद के रूप में हुई है। ये आतंकी घाटी के त्राल और पुलवामा में पिछले एक साल से सक्रिय थे।

 

इस हमले में मारा गया मुश्ताक त्राल में करीब एक साल तक सक्रिय रहा है, जबकि आदिल सोपोर से त्राल की तरफ आया था। खालिद तीन चार माह पहले ही पाकिस्तान से घाटी में घुसपैठ करके आया था। सुंजवान हमले की जांच कर रहे अधिकारियों के सूत्रों की माने तो हमले में मारे गए आतंकियों ने इस पूरी मुठभेड़ के दौरान बाहर किसी से मोबाइल फोन या रेडियो सेट के माध्यम से बातचीत का प्रयास नहीं कर रहे थे। अभी तक घटना स्थल के पास कोई संचार उपकरण भी नहीं मिला है। जांच दलों की माने तो आतंकी इस सेना के ब्रिगेड मुख्यालय से पूरी तरह परिचित थे और उनके पास स्थानीय मदद भी उपलब्ध थी।

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