सरकार कराए कश्मीरी हिन्दू की वापसी

16 Feb 2018 13:38:06

 


आशुतोष मिश्रा

कश्मीरी हिन्दुओं के संगठन जगती टेनमेंट कमेटी (जेटीसी) के अध्यक्ष शादी लाल पंडिता ने गुरुवार को कहा कि कश्मीरी विस्थापित पंडित समुदाय की घाटी में वापसी के लिए स्थापित की जाने वाली सेटलाईट कालोनी के लिए अभी तक सरकार की ओर से जमीन की पहचान के लिए कोई प्रयास नहीं किये गए हैं।

उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि सरकार कश्मीरी हिन्दुओं की घाटी वापसी और उनके पुनर्वास के प्रति गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीरी हिन्दुओं की घाटी वापसी के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाने चाहिए।

उन्होंने जेटीसी और सोन कश्मीर फ्रंट जम्मू व कश्मीर की एक संयुक्त बैठक के दौरान बोलते हुए यह विचार प्रकट किए। इस दौरान कश्मीरी पंडित समुदाय से जुड़े हुए विभिन्न मसलों पर गहन विचार विमर्श किया गया। पंडिता ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वो विस्थापित कश्मीरी पंडित समुदाय को सभी बुनियादी सुविधाएं मुहैया करवाए। भले ही तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने जम्मू दौरे में कश्मीरी विस्थापितों के लिए 6000 पदों के रोजगार पैकेज की घोषणा की थीलेकिन दुर्भाग्य की बात तो यह है कि नौ साल बीत जाने के बाद भी अभी तक इन पदों को नहीं भरा गया है।

अभी भी इस पैकेज के 3000 पद खाली पड़े हुए हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार इस रोजगार पैकेज को लागू करने के लिए शेष बचे सभी रिक्त पदों को भरे ताकि शिक्षित विस्थापित युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान हो सकें। इस दौरान विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी में उनकी संपत्तियों को 29 सालों के विस्थापन के समय के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए एकमुश्त मुआवजा दिया जाये।

फंडिंग में फोटो जर्नलिस्ट की जमानत पर फैसला सुरक्षित

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने टेरर फंडिंग के मामले में गिरफ्तार फोटो जर्नलिस्ट कामरान युसूफ की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। एनआईए ने कामरान के साथ दूसरे आरोपी जावेद भट को सितंबर 2017 को गिरफ्तार किया था।

कमरान श्रीनगर से छपनेवाले अखबारों के लिए फोटोग्राफ मुहैया कराता है। दोनों पर सोशल मीडिया के जरिये सुरक्षा बलों पर पत्थर चलाने के लिए लोगों को उकसाने का आरोप है।

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