पत्थर फेंकने वालों पर गोली ही चले

17 Feb 2018 12:53:43


आशुतोष मिश्रा 

जब से जम्मू कश्मीर राज्य की सरकार ने सेना के ऊपर प्राथमिकी दर्ज की तब से पूरे देश में जम्मू कश्मीर राज्य सरकार का तीव्र विरोध हो रहा है। देशभर के लोग इस प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग कर रहे है। इस मामले पर देश की जानी मानी हस्तियों ने अपनी राय रखते हुए सेना के ऊपर दर्ज हुई प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग रहे है।

देश के ओलंपियन पहलवान योगश्वर दत्त ने भी केंद्र सरकार से मांग की है कि जम्मू कश्मीर राज्य में सेना को पूरी तरह से छूट देना चाहिए। क्योंकि सुरक्षाबल के जवानों को राज्य में दोनों तरफ से मुकाबला करना पड़ रहा है। एक ओर जहां आतंकवादी बन्दूकों से उन्हें मारने की कोशिश करता है वही दूसरी तरफ पत्थरबाज पत्थरों से। इन परिस्थितियों में सेना के जवान पत्थर फेंकने वालों पर गोली नहीं चलाएंगे तो क्या फूल बरसायेगे।

फतेहाबाद के एमएम कालेज में इंटर कालेज एथलेक्टिस मीट का शुभारंभ करने पहुंचे योगेश्वर दत्त ने कहा कि जम्मू कश्मीर में पत्थरबाजों पर सेना द्वारा की जाने वाली फायरिंग का सभी देशवासियों को समर्थन करना चाहिये क्योंकि सेना पर पत्थर बरसाने वालों पर इस तरह की कार्रवाई होनी ही चाहिए। जब देश के हर नागरिक को अपनी आत्मरक्षा का अधिकार है तो सेना को भी अपनी आत्मरक्षा का अधिकार है। योगेश्वर ने सैनिकों पर प्राथमिकी दर्ज करने पर विरोध जताया और इस कार्रवाई को गलत बताया।

याद रहे की 27 जनवरी को शोपियां के गनवनपोरा में पत्थरबाजों ने सैन्य काफिले पर हमला किया था। इस हमले में  जवानों ने एक जेसीओ को बचाने और खुद की आत्मरक्षा के लिए गोली चलाई थी। जवानों की इस कार्रवाई में तीन प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी। इस घटना के पश्चात जम्मू कश्मीर राज्य सरकार ने सेना पर प्राथमिकी दर्ज की थी।   

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