पाक ने दिखाई औकात

19 Feb 2018 14:53:54

 


 आशुतोष मिश्रा 

सूचना के अधिकार (RTI) कानून के तहत सामाजिक कार्यकर्ता एवं अवकाश प्राप्त कमोडोर लोकेश बत्रा ने RTI आवेदन दायर कर जानकारी मांगी जिसके जवाब में कहा गया है कि पाकिस्तान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस्तेमाल किए गए भारतीय वायुसेना के विमान के ‘रूट नैविगेशन’ शुल्क के रूप में भारत को 2.86 लाख रुपये का बिल भेजा है। यह शुल्क पीएम मोदी के विमान के लाहौर में ठहराव और रूस, अफगानिस्तान, ईरान तथा कतर यात्राओं के दौरान पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल के सिलिसले में भेजा गया।

 

जून 2016 तक भारतीय वायुसेना के विमान का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 देशों- नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, कतर, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, रूस, ईरान, फिजी और सिंगापुर यात्राओं के लिए किया। इस जानकारी के लिए दायर आवेदन के जवाब में उक्त जानकारी दी गई है। पिछले साल अगस्त से लेकर 30 जनवरी 2018 तक मिले आरटीआई जवाबों में यह बात सामने आई है।

 

2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के आग्रह पर रूस और अफगानिस्तान से लौटते समय कुछ समय के लिए लाहौर में रुके थे इसके लिए ‘रूट नेविगेशन’ शुल्क के रूप में 1.49 रुपये का बिल जारी किया गया। 77,215 रुपये का ‘रूट नैविगेशन’ शुल्क एक बार फिर लगाया जब मोदी ने 22-23 मई 2016 को ईरान की यात्रा के लिए भारतीय वायुसेना के विमान का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही जब उन्होंने 4-6 जून 2016 को कतर की यात्रा की तो 59,215 रुपये का बिल ‘रूट नैविगेशन’ के रूप में जारी किया गया।

 

आमतौर पर विदेशी दौरों के लिए राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री एयर इंडिया के जहाज का इस्तेमाल करते हैं। पीएम के दौरों का खर्च विदेश मंत्रालय उठाता है। इसमें तेल, ग्राउंड हैंडलिंग,एयरपोर्ट चार्ज, स्टाफ को दिए जाने वाले पैसै, होटल का खर्च, पायलट के पैसे आदि शामिल होते हैं।

JKN Twitter