सेना की जीप पर बंधे युवा को मुआवजा नहीं

02 Feb 2018 14:47:51


 

आशुतोष मिश्रा

 

पीडीपी-भाजपा सरकार ने राज्य मानवाधिकार आयोग द्वारा सेना के जीप में बंधे युवक को मुआवजा देने की सिफारिश को ठुकरा दिया है। जम्मू कश्मीर राज्य विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता अली मोहम्मद सगर द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित जवाब में कहा गया है कि इस घटना में आरोप राज्य सरकार या उसके किसी भी अधिकारी के खिलाफ नहीं लगाया गया है इसलिए हम इस पर कोई भी मुआवजा नहीं दे सकते है।  राज्य सरकार ने इस मामले में एफआईआर नंबर 38/2017 दर्ज करवाई थी। बीरवाह पुलिस स्टेशन इस मामले की जांच कर रहा है। राज्य मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को फारुख अहमद डार को मुआवजे के तौर पर 10 लाख रुपये देने की सिफारिश की थी। 9 अप्रैल 2017 को करीब 500 पत्थरबाजों की भीड़ ने पोलिंग बूथ पर आईटीबीपी और पुलिस के जवानों के साथ चुनाव अधिकारियों को घेर लिया था। सूचना के बाद बडगाम में राष्ट्रीय राइफल कंपनी कमांडर अपनी क्विक रिस्पान्स टीम के साथ घटनास्थल की तरफ रवाना हुए। सैनिकों ने एक पत्थरबाज को पकड़ उसे जीप की बोनट पर बांध दिया। पत्थरबाजों के बीच से सेना की 5 गाड़ियों के काफिले को सुरक्षित निकालने और लोगों को बचाने के लिए ऐसा किया गया। अभियान के बाद जीप से बंधे युवक को पुलिस को सौंप दिया गया। जीप से बंधे शख्स की पहचान बडगाम के रहने वाले फारूक अहमद डार (26) के तौर पर हुई थी।

घाटी के पत्थरबाजों से निपटने के लिए स्थानीय युवक को जीप से बांधकर मानव ढाल की तरह इस्तेमाल करने वाले मेजर लितुल गोगोई को सेना ने सम्मानित किया है। गोगोई को आतंकवाद निरोधी कार्रवाई के लिए चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) कॉमन्डेशन से नवाजा गया है।

 

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