बांग्लादेशी घुसपैठ में भी है पाक-चीन का हाथ

22 Feb 2018 16:07:26

 


 

आशुतोष मिश्रा

उत्तर-पूर्वी राज्यों में घुसपैठ को लेकर सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने एक बड़ा बयान दिया है। सेनाध्यक्ष ने अपने इस बयान में राजनीतिक पार्टी आल इंडिया यूनाईटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) का जिक्र किया था जिसके बाद इस पर राजनीति तेज हो गई है। सेनाध्यक्ष के इस बयान पर आपत्ति जताते हुए एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदउद्दीन ओवैसी ने कहा कि आर्मी चीफ को राजनीतिक मामलों में दखलंदाजी नहीं करनी चाहिए। बता दें कि सेना प्रमुख ने अपने बयान में कहा है कि उत्तर-पूर्वी राज्य में भाजपा का विकास जितनी तेजी से नहीं हुआ है उससे कहीं ज्यादा तेजी से एआईयूडीएफ का विकास हुआ है।

 

डोकलाम पर चीन की गतिविधियों की खबरों पर रावत ने कहा कि यहां स्थिति बिल्कुल सामान्य है और इसको लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। इस दौरान उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश शुद्ध हिंदी बोलता है, जो हमारे मुकाबले बेहतर है। वे स्कूल को विद्यालय कहकर बुलाते हैं। यह एक तरह की हिंदी है जो वे बोलते हैं और इन लोगों को हमारे साथ मिलाना बहुत जटिल समस्या नहीं है।

 

गौरतलब है कि असम की राजधानी दिसपुर में उत्तर-पूर्व में सीमा सुरक्षा को लेकर हुए एक सेमिनार में आर्मी चीफ ने यह बात कही है। जनरल रावत ने कहा कि चीन और पाकिस्तान लगातार भारत में अवैध तरीके से बांग्लादेशियों को घुसपैठ कराती रही है। सेनाप्रमुख ने कहा कि दोनों पड़ोसी देश भारत को इन घुसपैठ के जरिए कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए उन्होंने ‘प्रॉक्सी वार’ का रास्ता चुना है।  

 

बता दें कि आर्मी चीफ ने सीमा सुरक्षा पर आयोजित सेमिनार में घुसपैठ के लिए एआईयूडीएफ को जिम्मेदार ठहराया है। यहां बता दें कि एआईयूडीएफ एक राजनीतिक पार्टी है और उस पर हमेशा से अवैध बांग्लादेशी मुसलमानों का समर्थन करने का आरोप लगता रहा है। राजनीतिक पार्टी का जिक्र होने के बाद अपने आपको मुसलमानों का हितैषी कहने वाले असदउद्दीन ओवैसी ने सेनाध्यक्ष के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा गया कि सेनाध्यक्ष को राजनीतिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए। आपको बता दें कि सेनाध्यक्ष ने इशारों में कहा कि जिस तरह से जम्मू कश्मीर में आतंकियों को भेजा जाता है उसी तरह से उत्तर-पूर्वी राज्यों में अशांति फैलाने के लिए अवैध आबादी को भेजा जाता है। 

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