सरकारी अधिकारी से सरकार ने मांगा जवाब

27 Feb 2018 13:58:43


आशुतोष मिश्रा 

राष्ट्रगान बजने के मौके पर एक सरकारी अधिकारी के खड़े न होने पर राज्य सरकार ने गंभीरता से लेते हुए जबाव तलब किया है। जम्मू कश्मीर कला, संस्कृति अैर भाषा अकादमी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब राष्ट्रगान बज रहा था तो अकादमी के अधिकारी सईद इफ्तिखार अहमद खड़े नहीं हुए। जिसे राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। सरकार ने अधिकारी से इस संदर्भ में जवाब मांगा है। इस कार्यक्रम में राज्यपाल एनएन वोहरा मुख्य अतिथि थे।

 

अहमद पर आरोप है कि राज्यपाल के मौजूदगी में जब राष्ट्रगान बज रहा था तो वह खड़े नहीं हुए। अकादमी के सचिव अजीजी हाजिनी ने उनसे इस संदर्भ में जवाब मांगा है और इसके लिए उन्हें दो दिन का समय दिया है।

 

सुरक्षा बलों से नहीं हल होगी कश्मीर समस्या - चिंदबरम

पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर समस्या का समाधान वहां बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की भारी मौजूदगी मात्र से संभव नहीं है। सोमवार को कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कश्मीर में हर 10 फीट के बाद सुरक्षा बलों की तैनाती अनुचित है। यह समस्या को हल करने का तरीका नहीं है। जब वह गृहमंत्री थे और राज्य में उमर अब्दुल्ला की सरकार थी तब अर्धसैनिक बलों की उपस्थिति में 10 हजार सैनिकों की कमी कर दी गई थी। श्री चिदंबरम ने यह भी कहा कि वर्ष 2010-14 में राज्य में उनकी सरकार के दौरान हिंसा का ग्राफ गिरा था। मोदी सरकार आने के पहले साल में भी यही रुख था। लेकिन बाद में मोदी सरकार ने 56 इंच छाती वाला तेवर अपनाया और स्थिति बिगड़ती चली गई। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य में अर्धसैनिक बलों की संख्या कम की जानी चाहिए तथा स्थानीय लोगों से वार्ता शुरू होनी चाहिए। इसके साथ ही कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य पुलिस को सौंपी जानी चाहिए।

JKN Twitter