घाटी से नहीं हटेगा AFSPA - महबूबा मुफ्ती

03 Feb 2018 16:55:32




आशुतोष मिश्रा

बीते कुछ दिनों से जम्मू कश्मीर राज्य में लागू सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून  (AFSPA) को लेकर एक बहस छिड़ी हुई है। इन सारी बहसों का जवाब देते हुए जम्मू कश्मीर राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने वर्तमान में घाटी की हालात का हवाला देते हुए सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून(AFSPA) को हटाने से इनकार कर दिया।

मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना की तारीफ करते हुए कहा कि पूरी दुनिया में भारतीय सेना ‘सबसे अनुशासित’ है। मुफ्ती ने कहा कि आज कश्मीर घाटी की खराब सुरक्षा स्थिति के कारण ही एक बार फिर घाटी में सेना की तैनाती में बढ़ोतरी हुई है। आज के दिनों में अलगाववादी लोग मस्जिदों से अपील कर युवाओं को सुरक्षाबलों के खिलाफ प्रदर्शन व पथराव के लिए उकसाते हैं। इन लोगों के उकसावे से राज्य में हिंसा होती है।

उन्होंने कहा कि एक समय था कि जब भी घाटी में कहीं पर सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ होती थी तो उसके पास रहने वाले लोग उस जगह से दूर भाग जाते थे लेकिन आज लोग उस जगह आ जाते हैं। सुरक्षाबलों द्वारा चलाये जा रहे अभियान में बाधा डालते है।

तो क्या ये सही समय है राज्य से अफ्सपा हटाने का? भारतीय सेना दुनिया में सबसे ज्यादा अनुशासित है। वे राज्य के लोगों के सुरक्षा व्यवस्था को सही करने के लिए काम कर रहे हैं। सेना के बलिदानों से हम लोग आज यहां पर है। हमारी सेना ने हमेशा से ही राज्य के लिए बलिदान दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार में आने के बाद जब हमने सुरक्षाबलों की चौकियों को कुछ जगहों से हटाना शुरू किया, तो आम जनता ही अपनी सुरक्षा के लिए चौकियां को उन जगहों पर बरकरार रखने की मांग लेकर आ गए।  उन्होंने बताया कि आज भी हमारी तलाशी नहीं होती है, लेकिन इन चौकियों के कारण से आतंकी हमारे जगहों पर आने से डरते हैं।

पत्थरबाजों की रिहाई को लेकर केंद्र व राज्य सरकार की एक राय है। लेकिन आतंकी बुरहान वानी की मौत के कारण  संभव नहीं हो पाया। केंद्र भी चाहता है कि युवा अपना भविष्य बेहतर बनाये।

जम्‍मू कश्‍मीर में सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफ्सपा) 1990 में लागू किया गया था। राज्‍य में बढ़ रही आतंकी घटनाओं के बाद इस कानून को यहां लागू किया था। तब से आज तक जम्‍मू कश्‍मीर में यह कानून सेना को प्राप्‍त हैं। इसके बाद भी राज्‍य के लेह और लद्दाख इलाके इस कानून के अंतर्गत नहीं आते हैं।

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