कश्मीरी हिन्दुओं के बिना राज्य अधूरा: फारूक अब्दुल्ला

10 Mar 2018 13:09:10


आशुतोष मिश्रा   

देश में अपने अजीबो गरीब बयानों के कारण अकसर विवादों में रहने वाले जम्मू कश्मीर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला एक बार फिर अपने बयान के लिए चर्चा में हैं। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बार कश्मीरी हिन्दुओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीरी हिन्दुओं कश्मीर घाटी के अभिन्न अंग है और जब तक कश्मीरी हिन्दुओं नहीं लौटते तब तक राज्य उनके बिना  अधूरा है। एक दिन ऐसा आएगा जब वे अपने असली घर की तरफ वापस आएंगे।

  

फारूक अब्दुल्ला ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए कश्मीरी हिन्दुओं के मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ‘कश्मीरी हिन्दुओं कश्मीर का अभिन्न अंग हैं। राज्य उनके बिना अधूरा है और एक दिन वे वापस अपने असली घर जरूर लौटेंगे।’ ऐसा पहली बार नहीं है जब अब्दुल्ला ने कश्मीरी हिन्दुओंों को लेकर इस तरह का बयान दिया हो।

 

पिछले साल अपने दिए गए बयान में उन्होंने कहा था कि वह इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं हैं कि कश्मीरी हिन्दुओं को अलग से जमीन दे दी जाएं, उन्होंने कहा था कि वह इस पक्ष में हैं कि कश्मीरी हिन्दुओं यही मुस्लिमों के साथ रहें और ये मुस्लिम उन कश्मीरी हिन्दुओं की रक्षा करेंगे। उनकी पार्टी ने यह प्रस्ताव भी पास किया गया था कि कश्मीरी हिन्दुओं कश्मीर में ही रहें।

 

बीते दिनों फारूक अब्दुल्ला उस वक्त विवादों में आए थे जब उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान की हालत के लिए अकेले पाक नहीं, बल्कि भारत भी जिम्मेदार है। उनके इस बयान पर सियासी गलियारों में काफी हंगामा मचा था। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कमीशन में फैसला हुआ था कि भारत का बंटवारा करने के बजाय मुसलमानों के लिए अलग से लीडरशिप रखेंगे। साथ ही अल्पसंख्यकों और सिखों के लिए अलग से व्यवस्था रखेंगे। कमीशन की ये बातें जिन्ना साहब को मंजूर थी, लेकिन जवाहरलाल नेहरू, मौलाना आजाद और सरदार पटेल ने इसे नहीं माना, जिसके बाद जिन्ना पाकिस्तान की मांग पर अड़ गए।

 

 

 

 

 

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