मुंबई विश्वविद्यालय में राष्ट्रविरोधी सेमीनार रद्द

29 Mar 2018 13:10:09


महाराष्ट्र विधानसभा में बोलते हुए भाजपा विधायक अतुल भाटखलकर ने राज्य सरकार को ध्यान दिलाया कि मुंबई विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले सेमिनार में ‘सैन्य अधिग्रहण: कश्मीरी महिलाओं पर यौन हिंसा' पर पढ़े जाने वाले पेपर पर तत्काल रोक लगाना चाहिए। भाजपा विधायक ने इस पर विरोध दर्ज कराते हुए इस सेमिनार को राष्ट्र विरोधी गतिविधि बताया, जिसके बाद राज्य सरकार ने इस सेमिनार को रद्द कर दिया।

 

मुंबई विश्वविद्यालय के डॉ. आंबेडकर सेंटर फॉर सोशल जस्टिस में आयोजित सेमिनार पर सवाल उठाते हुए विधायक ने कहा, 'सेमिनार में ऐसा पेपर पढ़ने की अनुमति देना राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की तरह है। उन्होंने कहा, ‘हमारी संसद दो बार यह स्पष्ट कर चुकी है और यह प्रस्ताव पारित किया है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर समेत पूरा राज्य भारत का अभिन्न हिस्सा है और विश्वविद्यालय में ऐसा पेपर पढ़ने के लिए अनुमति देना देश के खिलाफ है।'

 

अतुल ने कहा कि जम्मू कश्मीर को भारत ने जबरदस्ती अपना हिस्सा नहीं बनाया, बल्कि वह स्वयं भारत में विलय किया था। भाटखलकर ने इस सेमिनार में पढ़े जाने वाले पेपर पर रोक लगाने और इसकी अनुमति देने वाले लोगों के खिलाफ सख्त ऐक्शन लेने की मांग की। इसके तत्काल बाद राज्य के शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने मुंबई विश्वविद्यालय प्रबंधन को यह पेपर पढ़ने वाले मास्टर्स के छात्र को अनुमति न देने के निर्देश दिया।

 

विधायक के सवाल पर उत्तर देते हुए शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने कहा, 'हमारे विश्वविद्यालयों में कुछ तत्व हैं जो खुद अपने लिए कानून बनाते हैं और यदि आप किसी मुद्दे पर उन्हें सलाह देने की कोशिश करें, तो वे तुरंत विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का मुद्दा उठाते हैं।' शिक्षा मंत्री ने कहा, हालांकि मैं तत्काल इस कार्यक्रम को रद्द करने के अधिकारियों को आदेश देता हूं। हम राज्यपाल के यहां अपना विरोध भी दर्ज करायेंगे, जो राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति हैं और उनसे इस मामले में पूछताछ करने का अनुरोध भी करेंगे।' 

 

 

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