इसरो आज देगा भारतीय सेना को नया तोहफा

29 Mar 2018 13:01:48


आशुतोष मिश्रा

भारतीय सेना को आज इंडियन स्‍पेस रिसर्च सेंटर ऑर्गनाइजेशन (इसरो) आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्‍पेस सेंटर से जीसैट-6ए कम्‍युनिकेशन सैटेलाइट लॉन्‍च करके एक नया तोहफा देने की तैयारी में है। इसरो का यह सैटेलाइट आज शाम 4:56 मिनट पर लॉन्‍च किया जाएगा। इस लॉन्‍च को न सिर्फ इसरो बल्कि देश की सेनाओं के लिए भी काफी अहम है और इसकी सफल लॉन्चिंग इसरो के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। इस सैटेलाइट लॉन्‍च की गिनती बुधवार दोपहर से ही शुरू हो गई है।

इस नये सैटेलाइट जीसैट-6ए की लॉन्चिंग से देश की सेना को दी जाने वाली कम्‍यूनिकेशन सर्विसेज की गुणवत्‍ता में और सुधार होगा। कई खूबियों के बीच ही इस सैटेलाइट में प्रयुक्‍त हुआ छह मीटर लंबा छाते के आकार का एंटेना भी इसकी एक खूबी है। इसरो के मुताबिक यह एंटेना बाकी किसी भी एंटेना से तीन गुना ज्‍यादा बड़ा है और इसकी वजह से ही किसी भी जगह से मोबाइल कम्‍यूनिकेशन और आसान हो सकेगा। इसरो से जुड़े वरिष्‍ठ वै‍ज्ञ‍ानिकों ने बताया कि जीसैट-6ए बाकी कम्‍यूनिकेशन सैटेलाइट की तुलना में काफी अलग है। यह सैटेलाइट रक्षा के मकसद से काम करेगा और साधारण मकसद के लिए इसकी ट्रांसपोंडर क्षमता नहीं बढ़ाई जाएगी। आपको बता दें कि जीसैट-6 साल 27 अगस्‍त 2015 से ही कम्‍यूनिकेशन सर्विसेज दे रहा है।

 

 

सैटेलाइट की खासियत

जीसैट-6ए सैटेलाइट का वजन 2,140 किलोग्राम है। इसमें प्रयोग हुआ रॉकेट 49.1 मीटर लंबा है और इसका वजन 415.6 टन है। लॉन्‍च होने के 17 मिनट बाद जीसैट-6ए कक्षा में पहुंच जाएगा। छह मीटर व्यास वाले इस सैटेलाइट में लगने वाला एंटीना सामान्य एंटीना से तीन गुना चौड़ा है। इसरो ने इस मिशन पर 270 करोड़ रुपए खर्च किया है। इसरो का यह सैटेलाइट 10 साल काम करेगा। इसे जियोसिंक्रोनस लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी-एफ08) से भेजा जाएगा। जीएसएलवी रॉकेट की यह 12वीं उड़ान है।

JKN Twitter