पाकिस्तान में बनीं पहली हिंदू महिला सीनेटर

05 Mar 2018 12:20:34


आशुतोष मिश्रा

कृष्णा कुमारी कोहली ने पाकिस्तान में राजनीति में नया इतिहास रच दिया है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में थार की रहने वाली दलित महिला कृष्णा कुमारी कोहली मुस्लिम बहुल देश की पहली हिंदू महिला सीनेटर बनी हैं। कृष्णा कुमारी पाकिस्तान पीपल्स पार्टी की तरफ से चुनी गई हैं। 

 

कृष्णा कुमारी कोहली का जन्म 1979 में एक गरीब परिवार में हुआ था। गरीब परिवार में जन्मी कृष्णा  के पिता किसान थे। एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर अपने भाई के साथ वह पीपीपी में शामिल हुईं और बाद में यूनियन काउंसिल बेरानो की अध्यक्ष चुनी गईं कृष्णा काफी सक्रिय थीं और उन्होंने थार एवं अन्य इलाकों में रह रहे वंचितों एवं समाज में हाशिये पर मौजूद समुदाय के लोगों के अधिकारों के लिये कार्य किया। उनका ताल्लुक बहादुर स्वतंत्रता सेनानी रूपलो कोल्ही के परिवार से है। वर्ष 1857 में जब अंग्रेजों ने सिंध पर आक्रमण किया तो कोल्ही ने नगरपारकर की ओर से उनके खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 22 अगस्त, 1858 को अंग्रेजों ने उन्हें फांसी दे दी।

 

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की स्थापना ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो ने नेतृत्व में हुई थी। उसी समय से इस पार्टी का नेता हमेशा कोई भुट्टो-ज़रदारी परिवार का सदस्य ही रहा है। पार्टी का केंद्र पाकिस्तान के दक्षिणी सिंध प्रान्त में है, जहाँ भुट्टो परिवार की जड़ें हैं। पाकिस्तान के तीन शासक- ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो, बेनज़ीर भुट्टो और आसिफ़ अली ज़रदारी- इस पार्टी से सम्बंधित रहे हैं।

 

कृष्णा ने पिछड़े और बेसहारा लोगों के अधिकार के लिए काफी लड़ाई लड़ी। इतना ही नहीं कृष्णा के चुनाव लड़ने का मुद्दा पाकिस्तान में महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ना रहा है। शादी के समय वो 9वीं कक्षा में थीं। हालांकि, शादी के बाद भी कृष्णा ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और साल 2013 में सिंध यूनिवर्सिटी से उन्होंने सोशोलॉजी में मास्टर्स पूरा किया।

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