भारत-पाक सेना कर सकती है संयुक्त सैन्य अभ्यास

14 Apr 2018 14:09:07


आशुतोष मिश्रा 

भारत और पाकिस्तान हमेशा आतंकवाद के मुद्दे पर एक दूसरे के विरोधी रहे है और इस समय दोनों देशों के रिश्ते काफी तल्ख है। इस तल्खी के बावजूद भी इस वर्ष अगस्त में रूस में आयोजित होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास में भारत-पाकिस्तान एक साथ दिखाई दे सकते है। भारत और पकिस्तान शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में पूर्ण कालिक सदस्य है। इसके बाद भारत और पाक अन्य एससीओ सदस्य देशों के साथ आतंकवाद विरोधी समन्वय के तहत संयुक्त सैन्य अभ्यास कर सकते है। इससे पहले भी संयुक्त राष्ट्र संघ के बैनर तले भारत-पाक के सैन्य अधिकारियों ने अपनी सेवाएं दी है। यह पहला मौका होगा जब शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देश- चीन, कजाखिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के साथ इन दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेगी। एससीओ का पूर्णकालिक सदस्य बनने के बाद दोनों ही देश ताशकंद के रिजनल एंटी टेररिज्म स्ट्रार (आरएटीएस) का हिस्सा बन गए है, जिसके तहत यह अभ्यास कराया जाता है।

बिसेक सम्मेलन की तरह पीस मिशन-2007 नाम से पहला एससीओ सैन्य अभ्यास दक्षिणी यूराल में किया गया था। आतंकवाद विरोधी अभियान पर केंद्रित नौ दिनों तक चले इस सैन्य अभ्यास में सभी एससीओ देशों के सदस्यों की सेनाओं ने हिस्सा लिया था। इस सैन्य अभ्यास में 6,500 सैनिक शामिल थे। जिनमें सबसे ज्यादा रूस से दो हजार सैनिक, चीन से 1700 और कजाखिस्तान और तजाकिस्तान से सेना की छोटी टुकड़ी, किर्गिस्तान के स्पेशल पुलिस प्लाटून और उज्बेकिस्तान की 20 सदस्य सैन्य अफसरों की टीम शामिल थी। इसमें चीन और रूस से करीब 500 कम्बैट वीकल्स, 80 लड़ाकू विमान शामिल थे।

JKN Twitter