पाक पर बढ़ा दुनिया का दबाव

14 Apr 2018 13:22:19

 


 

आशुतोष मिश्रा 

आतंकवादियों पर किसी भी तरह की रोक न लगाने और उनको अपने देश में बढ़ावा देने के कारण अमेरिका ने पाक को दी जाने वाली दो अरब डॉलर की मदद को रोक दिया है। इसके साथ ही अमेरिका पाकिस्तान से हो रही मानव तस्करी रोकने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को रोकने पर विचार कर रहा है। अमेरिकी प्रशासन ने पाक के चेतावनी दी है कि यदि मानव तस्करी रोकने के लिए उचित कदम नहीं उठाए गए तो अब उसको मिलने वाली असैन्य मदद में भी कटौती की जाएगी।

अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों में इस साल के शुरूआत से ही तनाव बना हुआ है और अमेरिका के इस कार्रवाई से यह तनाव और बढ़ सकता है। अगर अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने पाक को मानव तस्करी मामले में खराब काम करने वाले देशों की सूची में शामिल किया तो पाक को मिलने वाली मदद में कटौती निश्चित है। ऐसे में पाक को मिलने वाली 26 करोड़ 50 लाख डॉलर की असैन्य मदद के बड़े हिस्से पर रोक लग सकती है। अमेरिकी कानून के तहत मानव तस्करी मामले में सबसे नीचे रहने वाले देशों पर यह प्रतिबंध लगाया जाता है। इसके बाद पाकिस्तान को आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक जैसे वैश्विक संगठनों से मिलने वाली मदद पर कटौती हो सकती है। हाल ही में UNSC द्वारा जारी 139 लोगों और उनसे जुड़ी संस्थाओं को आतंकी करार देने को लेकर अखबार ने लिखा है कि ‘लिस्टेड लोगों में से कुछ लोगों या संस्थाओं को लेकर भले ही पाकिस्तान को आपत्ति हो लेकिन अधिकतम केस में तथ्य भी बताते हैं कि आतंकी गतिविधियों में इजाफा हुआ है।’

कुछ दिन पहले ही पाकिस्तानी अखबार ‘द एक्‍सप्रेस ट्रिब्‍यून’ ने आगे लिखा कि ‘दो विरोधी मूल्यों को धारण करने या कट्टरपंथी गुटों के लिए गोलमोल रवैया अपनाने से पाकिस्तान में आंतक को बढ़ावा मिल रहा है। कई बार आतंकी घटना को लेकर पाकिस्तान की सहानुभूति लोगों के सामने आ जाती है जिसकी वजह से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (UNSC) को हम पर निशाना साधने का मौका मिल जाता है और दुनिया इस खबर को चटकारे लेकर पढ़ती है। दरअसल पाकिस्तान लोगों को ऐसा करने का मौका देती है।’

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