पाक ने फिर तोड़ी मर्यादा

16 Apr 2018 14:28:22



 

 

आशुतोष मिश्रा 

हमेशा की तरह ही पाकिस्तान ने अल्पसंख्यक समाज के शोषण को जारी रखा है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए बताया कि पाकिस्तान गए भारतीय सिख समाज के तीर्थयात्रियों को भारतीय उच्चयोग के राजनयिक समेत सभी अधिकारियों को भारतीय नागरिकों से मिलने से रोक दिया गया है। भारत से सिख समाज के 1800 श्रद्धालु तीर्थयात्री वैशाखी का त्यौहार मनाने के लिए 12 अप्रैल को पाकिस्तान गया था। 14 अप्रैल को पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त को इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) के अध्यक्ष के निमंत्रण पर गुरु द्वारा पंजा साहिब पहुंचना था, लेकिन सभी भारतीयों को वापस लौट जाने के लिए कह दिया गया।

ये सभी लोग रावलपिंडी में स्थित पंजा साहिब गुरुद्वारा में वैशाखी का उत्सव मानने गए थे, लेकिन सभी को गुरुद्वारे में प्रवेश करने के लिए मना किया गया। भारत ने पाकिस्तान सरकार से उसकी इस तरह की हरकत पर अपनी आपत्ति जताई है। इससे पहले पाक ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चयोग में तैनात राजनयिक, अधिकारियों और उनके परिवार के साथ हो रहे उत्पीड़न और धमकी जैसा मामला अभी नहीं खत्म नहीं हुआ था। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत पाक के बीच हुए द्विपक्षीय समझौते के तहत लगभग 1800 सिख पाकिस्तान गए हुए थे। इस समझौते के अनुसार यात्रियों के आने पर भारतीय उच्चायोग के काउंसलर/प्रोटोकॉल टीम भारत से आए तीर्थयात्रियों के साथ रहती है, जिसमें चिकित्सा या परिवार को आपातकाल में मदद करना होता है। पाकिस्तान की इस राजनयिक अशिष्टता के खिलाफ भारत ने जबरदस्त विरोध करते हुए याद दिलाया है कि पाकिस्तान ने 1961 के वियना कनवेक्शन का स्पष्ट उल्लंघन है। इससे पहले 21 अप्रैल को पाकिस्तान गए सिख श्रद्धालुओं को वापस स्वदेश लौटना है।

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