राष्ट्रपति कोविंद ने किया सियाचिन का दौरा, बढ़ाया जवानों का हौसला

11 May 2018 13:15:43

 


 

मुकेश कुमार सिंह

सशस्त्र सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गुरूवार को विश्व के सबसे ऊंचे युद्ध स्थल सियाचिन ग्लेशियर पहुंचे। राष्ट्रपति ने वहां तैनात जवानों से कहा कि देश को आप पर गर्व है और देशवासियों का आभार संदेश लेकर आप के बीच आया हूं। राष्ट्रपति कोविंद से पहले 2004 में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सियाचिन ग्लेशियर पहुंच जवानों से मुलाकात की थी।

गौरतलब है कि लद्दाख में पाकिस्तान और चीन से लगती सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी सेना के उत्तरी कमान के चौदह कोर को सौपीं गई है। सियाचिन ग्लेशियर विश्व की सबसे ऊंचाई वाला युद्ध क्षेत्र है। सेना के जवानों का बेस कैंप 20 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थापित है। यहां सर्दियों के समय में सियाचिन का तापमान -52 डिग्री तक पहुंच जाता है।

राष्ट्रपति ने सियाचिन की सबसे अग्रिम चौकी कुमार पोस्ट का दौरा कर वहां तैनात जवानों व अधिकारियों से विचार विमर्श किया। राष्ट्रपति ने कहा कि सेना ऑपरेशन मेघदूत के समय से सियाचिन में तैनात है। तब से अब दुश्मन के कदम भारतीय क्षेत्र में नहीं पड़ने दिया है जो एक सराहनीय उपलब्धि है जिसको जितना भी सराह जाय कम है।  राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले 34 सालों में सियाचिन में आपने जो बहादुरी दिखाई है, उससे पूरे देश को विश्वास हुआ है कि आपके निगरानी में देश की सीमाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

राष्ट्रपति सेना के शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए सियाचिन वार मेमोरियल गए। जहां पर अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुए 11 हजार शहीद भारतीय जवानों को श्रद्धजलि दी। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए आप की निष्ठा सभी देशवासियों के लिए एक आदर्श है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का सेना के उत्तरी कमान के अधिकारियों ने स्वागत किया और इस मौके पर थल सेनाध्यक्ष विपिन रावत भी मौजूद रहे। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि इस निर्जन बर्फीले स्थान में हर हाल में आप सब अपना दृढ़ संकल्प बनाए रखते हैं। देश के लिए आप सब में समर्पण की यह जो भावना है उसे जितना भी सराहा जाए वह कम है।

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