पाकिस्तान के मन में नहीं है रमजान के प्रति सम्मान

19 May 2018 13:53:39



 

 

आशुतोष मिश्रा

एक बार फिर से जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शांति की पहल करते हुए कहा कि भारत के जवाब में पाकिस्तान को भी सकारात्मक कदम उठाकर जवाब देना चाहिए और क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति के प्रयासों में योगदान देना चाहिए। 

मुख्यमंत्री ने एक ट्वीट में कहा कि पाकिस्तान को भी कदम उठाकर इसका सकारात्मक जवाब देना होगा और दीर्घकालिक शांति के प्रयासों में योगदान करना होगा। उन्होंने कहा कि जम्मू में सीमा पर गोलीबारी जारी रहना पीड़ा और चिंता का विषय है। 

उन्होंने ट्वीट किया,“दुख की बात है कि हमारे देश ने रमजान के दौरान सैन्य अभियान रोककर शांति की पहल के लिए महत्वपूर्ण शुरूआत की है लेकिन पाकिस्तान ने इस पवित्र महीने के प्रति कोई सम्मान नहीं दिखाया।'' 

वहीं विपक्षी दल के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि रमजान के दौरान सैन्य अभियान पर रोक लगाने के केंद्र सरकार के फैसले का अगर आतंकवादी सकारात्मक तरह से जवाब नहीं देते हैं तो इससे पता चलेगा कि वह लोगों के दुश्मन हैं। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियों की मांग पर केंद्र सरकार ने एकपक्षीय संघर्ष-विराम की घोषणा की है। अगर आतंकवादी इस फैसले का सकारात्मक जवाब नहीं देते हैं तो इससे पता चलेगा कि वह लोगों के दुश्मन हैं।’’

वहीं सीमा सुरक्षा बल के शहीद कॉन्स्टेबल सीताराम उपाध्याय की पत्नी ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि उसने (सरकार) रमजान के महीने में आतंकियों पर कार्रवाई नहीं करने का वादा किया लेकिन उनके पति पाकिस्तान की गोलीबारी में मारे गए। उन्होंने कहा कि ‘भारत ने सुरक्षाबलों से कहा है कि वे रमजान के दौरान (आतंकियों के खिलाफ) अभियान न चलाएंलेकिन मेरे पति पाकिस्तान द्वारा की गई गोलीबारी में मारे गए। मुआवजा मिलने से क्या होगाइससे मेरे पति वापस नहीं आएंगे।

पाकिस्तानी रेंजर्स की ओर से जम्मू जिले के आरएसपुराअरनियासुचेतगढ़ और बिशनाह सेक्टरों में शुक्रवार को दिन में नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाकर की गई गोलीबारी में चार नागरिक मारे गए और बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया और अन्य  12 लोग घायल हुए हैं। 

JKN Twitter