घाटी में जल्द ही खत्म होगें आतंकी

02 May 2018 13:29:29

 


आशुतोष मिश्रा

जम्मू कश्मीर राज्य के नव वर्ष की शुरुआत आतंकी हमले से हुई थी। 1 जनवरी को ही पाकिस्तानी आतंकियों ने पुलवामा के केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कैंप पर हमला किया था जिसमे दो भारतीय जवान शहीद हो गए थे। अप्रैल महीने में ही कश्मीर घाटी में हुए आतंकी हमलों में 20 आतंकियों और 13 सुरक्षाबल के जवान समेत 51 लोग मारे गए। मारे गए लोगों में 18 नागरिक भी शामिल हैं।

बीते आठ साल में यह पहली बार हुआ है जब एक महीने में 50 से ज्यादा लोग मारे गये है। अप्रैल महीने में एक दिन में हुए तीन मुठभेड़ों में सुरक्षाबलों ने 13 आतंकियों को मार गिराया था। इनमें से 12 आतंकियों को तो केवल शोपियां में ही मार गिराया गया था जबकि इन मुठभेड़ो में सुरक्षाबलों के ऊपर हो पत्थरबाजी के दौरान चार नागरिक की मौत हो गयी थी और 150 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए थे।

पिछले माह मारे गए 20 आतंकियों में समीर टाइगर, आकिब मुश्ताक खान, जुबैर अहमद तुर्रे, नाजिम नजीर डार, रईस अहमद ठोकर, उबैद शफी मल्ला, आदिल अहमद ठोकर, यावर अहमद यत्तु, इश्फाक अहमद मलिक, एत्तमाद हुसैन डार, इश्फाक अहमद ठोकर, समीर अहमद, मोहम्मद अब्बास, वसीम अहमद, इश्फाक अहमद, मुसविर अहमद, इश्फाक अहमद, आबिद अहमद के नाम प्रमुख हैं।

मारे गए इन आतंकियों की मौत के पीछे कश्मीरी लड़कियां प्रमुख कारण रही है। आतंकी आये दिन गांवों में आकर लड़कियों की इज्जत से खेलते है और बाद में वे उनको परेशान करते है, इसलिए  इन लडकियों को जैसे ही इनका पता चलता है तो वे सुरक्षाबलों को इनके बार में सूचना दे देती है।

जम्मू कश्मीर में वर्ष 2015 से 2017 के बीच सुरक्षाबलों के खिलाफ पथराव की 4799 और आतंकवाद की 872 घटनाएं हुई है। उन्होंने बताया कि कश्मीर घाटी में वर्ष 2015 में पथराव की 730 और आतंकवाद की 208, वर्ष 2016 में पथराव की 2808 और आतंकवाद की 322 और वर्ष 2017 में पथराव की 1261 एवं आतंकवाद की 342 घटनाएं हुई है।

 

JKN Twitter