मानवरहित टैंक, पोत, रोबॉटिक हथियार से पाक-चीन को देंगा भारत

21 May 2018 11:47:43


 

 

 

आशुतोष मिश्रा   

भारत सरकार ने एक नई रक्षा परियोजना में सुरक्षाबलों के लिए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर काम करना शुरू कर दिया है। इस परियोजना के तहत सुरक्षाबलों को मानव रहित टैंक, पोत, हवाई यानों और रोबॉटिक हथियार देना है। देश के रक्षा सचिव (उत्पादन) अजय कुमार के अनुसार, सरकार ने सेना के तीनों अंगों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शुरुआत का फैसला किया है। ये परियोजना भविष्य में युद्ध को देखते हुए एक अत्यंत महत्वपूर्ण तैयारी है। रक्षा मंत्रालय और टाटा संस के प्रमुख एन चंद्रशेखरन की अध्यक्षता वाला एक उच्च स्तरीय कार्यबल परियोजना की बारीकियों एवं संरचना को अंतिम रूप दे रहा है।

सशस्त्र बल और निजी क्षेत्र भागीदारी से हम इस परियोजना को कार्यान्वित करेंगे। कुमार ने कहा, भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ही है। हमें अगली पीढ़ी के युद्ध के लिए खुद को तैयार करने की जरूरत है, जो ज्यादा से ज्यादा तकनीक आधारित, स्वचालित और रोबोटिक प्रणाली पर आधारित होगी।

कुमार का कहना है कि आर्टिफिशल इंटेलीजेंस आने वाले वर्षों में बहुत बड़ी संकल्पना बनने वाली है। दुनिया के प्रमुख देश रक्षा बलों के लिए आर्टिफिशल इंटेलीजेंस के इस्तेमाल की संभावना तलाशने की खातिर रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। हम भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस पहल में खास बात यह है कि इसके लिए हमारे उद्योग एवं रक्षा बल दोनों मिलकर काम कर रहे हैं।

भारत का सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का आधार काफी मजबूत है और यह आर्टिफिशल इंटेलीजेंस संबंधी क्षमताओं के विकास के लिहाज से हमारी सबसे बड़ी ताकत होगी। आर्टिफिशयल इंटेलीजेंस कुशल मशीनों के निर्माण से जुड़े कंप्यूटर विज्ञान का क्षेत्र है। आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इसकी वजह से जवानों के जोखिम को कम किया जा सकेगा।

चीन आर्टिफिशल इंटेलीजेंस अनुसंधान एवं मशीनों से जुड़े अध्ययन में अरबों डॉलर का निवेश कर रहा है। चीन के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और यूरोपीय संघ भी आर्टिफिशल इंटेलीजेंस में काफी निवेश कर रहे हैं।

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