आतंकियों का सईदपोरा पुलिस पोस्ट पर हमला, हथियार छीनने का प्रयास विफल

22 May 2018 13:30:14


आशुतोष मिश्रा

पुलवामा जिले के सईदपोरा गांव स्थित पुलिस पोस्ट पर आतंकियों ने हमला कर पुलिसकर्मियों के हथियार छीनने का प्रयास किया। इस बीच पुलिस के सर्तक जवानों ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे हथियार छीनने की आतंकियों का एक बड़ा प्रयास विफल हो गया। हमले के बाद आतंकी मौके से फरार हो गए।

कल आतंकियों के एक दल ने सईदपोरा गांव में स्थित पुलिस पोस्ट पर हमला कर दिया। आतंकियों ने जैसे ही गोलीबारी की, पोस्ट पर तैनात सर्तक जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान आतंकियों तथा पुलिसकर्मियों के बीच थोड़ी देर तक गोलीबारी चली, जिसके बाद आतंकी मौके से फरार हो गए। पुलिस के जवानों की सतर्कता से हथियार छीनने की एक बड़ी वारदात होने से बच गई। इस हमले में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। पुलिस ने इस संदर्भ में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

‘ईदगाह चलो मार्च’ से श्रीनगर में अफरा तफरी

मीरवाइज मौलवी मोहम्मद फारूक तथा अब्दुल गनी लोन की जयंती पर अलगाववादी ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप ने ‘ईदगाह चलो मार्च’ का आह्वान किया था। जेआरएल द्वारा प्रदर्शनों के आह्वान के कारण प्रशासन को श्रीनगर के कई हिस्सों में धारा 144 के तहत प्रतिबंध लागू करना पड़ा था।

अलगाववादी नेताओं के इस तरह के बंद और प्रदर्शन के कारण स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना पड़ता रहा है। अलगाववादी नेता हमेशा से आतंकवादियों के मारे जाने के बाद घाटी में बंद बुलाते है लेकिन जब आतंकी आम कश्मीर जनता को मारते है तब इनके मुंह से एक भी शब्द नहीं निकलता है।

अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक, सईद अली शाह गिलानी को उनके अपने निवास स्थान पर ही नजरबंद रखा गया था। इस दौरान जेकेएलएफ चीफ यासीन मलिक को एहतियातन हिरासत में रखा गया। मीरवाइज फारूक की 21 मई 1990 को तथा अब्दुल गनी लोन की 21 मई 2002 में किसी अज्ञात बंदूकधारी द्वारा हत्या कर दी गई थी।

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