मस्जिद से ऐलान, मुठभेड़ में बाधा पहुंचायें लोग

03 May 2018 14:55:01



आशुतोष मिश्रा

सुरक्षाबलों को कल शाम गुप्त सूचना मिली कि कश्मीर घाटी में हिज्बुल मुजाहिद्दीन का डिवीजनल कमांडर जीनत उल इस्लाम उर्फ अल कामा दो आतंकियों के साथ तुरकवांगाम में छिपा है। इसके बाद राष्ट्रीय रायफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और पुलिस के विशेष अभियान दल ने इन आतंकियों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू कर दिया। सुरक्षाबल के जवान जैसे ही आतंकियों के छिपे हुए मकान के पास पहुंचे वैसे ही आतंकियों ने जवानों पर ग्रेनेड हमला करके घेराबंदी तोड़कर भागने का प्रयास किया। लेकिन सुरक्षाबलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आतंकियों को घेर लिया। सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच 17 घंटे से मुठभेड़ अभी भी जारी है।

जैसे ही इस बात का पता लोगों को चला वैसे ही मुठभेड़ स्थल पर सैकड़ों की संख्या में लोग इकठ्ठा हो गए और इसी दौरान स्थानीय मस्जिदों से लोगों को मुठभेड़ में बाधा पहुंचाने का ऐलान होने लगा। जिसके बाद अचानक बड़ी संख्या में युवक भड़काऊ नारेबाजी करते हुए मुठभेड़ स्थल पर जमा होने लगे। इस दौरान सुरक्षाबलों ने युवको को मुठभेड़ स्थल से दूर हटने के लिए कहा, लेकिन इस पर उन्होंने पत्थरबाजी करना शुरू कर दिया। सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हो रही गोलीबारी की चपेट में आने से 13 लोग जख्मी हो गए। बाद में घायल युवकों में से दो युवक की अस्पताल में मौत हो गई है।

एसएसपी शोपियां शैलेंद्र कुमार ने बताया कि घेराबंदी में तीन आतंकी फंसे हुए हैं। दोनों तरफ से गोलियों चल रही हैं। मुठभेड़ के दौरान दक्षिणी कश्मीर के कई इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है। दो दिन पहले ही दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में करीब सात घंटे चली भीषण मुठभेड़ में हिज्बुल कमांडर समीर टाइगर ढेर कर दिया गया था। इस मुठभेड़ में दो और आतंकी मारे गए थे, जबकि एक स्थानीय नागरिक की भी मौत हुई है। मुठभेड़ के दौरान भड़की हिंसा में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे ।

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